एचसीएल के फाउंडर एवं जेईसी के छात्र चौधरी उठाएंगे खर्च, देश के टॉप इंजीनियरिंग संस्थानों में जेईसी को किया शामिल
जबलपुर।
जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों को अब पढ़ाई से लेकर रहने और खाने के खर्च से निजात मिलेगी। इतना ही नहीं ऐसे प्रतिभाशाली छात्रों को आगे चलकर बेहतर ऑपरच्यूनिटी भी प्रदान की जाएगी। कुछ ऐसा ही प्रयास जबलपुर इंजीनियिरंग कॉलेज से पढ़कर निकले एचसीएल कंपनी के फाउंडर अजय चौधरी द्वारा की जा रही है। देश के कुछ चुनिंदा शासकीय इंजीनियिरंग कॉलेजों में जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज को इसमें शामिल किया गया है। स्वयं चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से छात्रों को यह स्कॉलरिशप के रूप में यह पूरा खर्च वहन किया जाएगा। देश के चुनिंदा आईटी संस्थानो में जिसमें आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी पटना, आईआईटी दिल्ली, टि्रपल आईटीडीएम, आईआईटी गोवा आईआईटी बाम्बे, निमेट रांची के साथ जबलपुर के जेईसी कॉलेज को चयनित किया गया है।
इसी सत्र से किया प्रावधान
बीटेक (समस्त ब्राच) में सत्र 2023-24 में प्रवेश ले रहे छात्रों को इसी सत्र से यह प्रावधान किया जा रहा है। हालांकि पहले चरण में जेईसी के चार छात्रों का चयन किया जाएगा। छात्रवृत्ति के रूप में टयूशन फीस, हॉस्टल फीस, मेस चार्ज आदि की पूर्ति की जाएगी। इस तरह की व्यवस्था देशभर के इंजीनियिरंग कॉलेजों में शुरू की जा रही है। हालंकि इन कॉलेजों से केवल 1 छात्र को चयन किया जाएगा लेकिन जेईसी से सर्वाधिक 4 छात्रों को लिया जाएगा। बाकी कॉलेजो में एक से दो छात्रों को लिया गया है।
तय किया गया क्राइटेरिया
चयन के लिए छात्र- छात्राओं का क्राइटेरिया तय किया गया है। परिवार की समस्त स्त्रोतो से वार्षिक आय 6 लाख रुपए से कम होनी चाहिए। चयनित छात्र अथवा छात्रा को छात्रवृत्ति बीटेक चार वर्षीय पाठ्यक्रम के प्रत्येक वर्ष प्रदान की जावेगी। इसके लिए छात्र को बिना बैकलॉग के प्रत्येक वर्ष 6.0 सीजीपीए स्कोर अर्जित करना होगा। छात्रवृत्ति का रिनूवल प्रति वर्ष ट्रस्ट द्वारा छात्र छात्रा के परफारमेंस के आधार पर किया जावेगा। छात्र का चयन उसके एकडमिक मेरिट, स्टेटमेंट ऑफ परपज एवं पारिवारिक आय के आधार पर किया जावेगा।
-बीटेक के चयनित प्रतिभाशाली छात्रों की आगे की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने के लिए मप्र से केवल जेईसी को चुना गया है। इसी सत्र से यह प्रक्रिया शुरू की जा रही है। देश के कुछ चुनिंदा संस्थान में एचसीएल के फांउडर एवं जेईसी के पूर्व छात्र द्वारा शामिल करना हमारे लिए गर्व की बात है।
-प्रोफेसर पीके झींगे, प्राचार्य जबलपुर इंजीनियरिंग