- सावन में खूब बरसे बदरा, नौ दिन की बारिश में ओवरफ्लो-वर्ष 2018 में श्रावण मास में कुल बारिश से तकरीबन दोगुना इस वर्ष सावन में बरसा
जबलपुर। इस साल आषाढ़ तकरीबन सूखा निकला और फिर सावन के पहले पखवाड़े में कमजोर बारिश हुई। उमस और गर्मी से बेचैन लोग कम बारिश से परेशान थे, लेकिन श्रावण की विदाई पर तेज बारिश सहित सिर्फ नौ दिन की अच्छी बारिश ने शहर को पानी से लबालब बना दिया। श्रावण मास (17 जुलाई से 15 अगस्त) के इन नौ दिन में हर दिन 10 मिमी से अधिक बारिश हुई। इससे सावन की शुरुआत में सीजन की कुल बारिश 336.3 मिमी थी, वह आंकड़ा बढकऱ सावन के आखिरी दिन 943.2 मिमी पर पहुंच गया। सावन के 30 दिन में 606.9 मिमी वर्षा रेकॉर्ड की गई। इसमें सिर्फ नौ दिन 572.2 मिमी पानी बरसा। पानी की यह मात्रा वर्ष 2018 के श्रावण की कुल वर्षा की करीब दोगुनी है।
बारिश की स्थिति
-606.9 मिमी, 17 जुलाई से 15 अगस्त 2019 तक (श्रावण मास)।
- 422.2 मिमी, 17 जुलाई से 15 अगस्त, 2018 तक।
- 343.0 मिमी, 28 जुलाई से 26 अगस्त, 2018 तक (श्रावण मास)।
इस वर्ष श्रावण में वर्षा
30 दिन में कुल 606.9 मिमी
12 दिन इसमें बारिश नहीं हुई
09 दिन में कुल 572.2 मिमी
09 दिन में कुल 34.7 मिमी
श्रावण में 10 मिमी से अधिक वर्षा वाले नौ दिन
19 जुलाई- 23.2 मिमी
20 जुलाई- 15.2 मिमी
25 जुलाई- 30.6 मिमी
04 अगस्त- 13.6 मिमी
06 अगस्त- 77.4 मिमी
07 अगस्त- 39.2 मिमी
08 अगस्त- 111.0 मिमी
13 अगस्त- 62.0 मिमी
14 अगस्त- 200.2 मिमी
एक दिन की झमाझम से तरबतर-
श्रावण से पहले इस सीजन में महज 336.3 मिमी बारिश हुई थी। सावन की शुरुआत में कम वर्षा हुई। बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बनी चक्रवाती हवा का सिस्टम 13-14 अगस्त को शहर के ऊपर बना तो झमाझम से शहर तरबतर हो गया। दो दिन में करीब 11 इंच बारिश हो गई। इससे सावन की समाप्ति पर सीजन में कुल बारिश का आंकड़ा 943.2 मिमी पर पहुंच गया। पिछले वर्ष की 15 अगस्त तक कुल बारिश 666 मिमी ही हुई थी।
स्ट्रांग और ज्यादा समय प्रभाव-
बंगाल की खाड़ी से निर्मित हालिया सिस्टम ज्यादा मजबूत था। इसका ज्यादा समय तक सम्भाग में प्रभाव रहा। इसके कारण 13 से 15 अगस्त के बीच अच्छी बारिश हुई। अभी की स्थिति में अगस्त का स्पैल (हिस्सा) भी बारिश ने पूरा कर लिया है।
-देवेंद्र कुमार तिवारी, वैज्ञानिक सहायक, मौसम विज्ञान केंद्र
बरगी डैम के सभी गेट बंद, घटने लगा नर्मदा तटों का जल स्तर
ऐसे हुई डैम से पानी की निकासी
- 15 गेट 1.5-1.5 मीटर की ऊंचाई तक खोले गए 14 अगस्त को
- 1.66 मीटर ऊंचाई की गई रात 7.50 बजे
- 1.50 मीटर ऊंचाई की गई 16 अगस्त को सुबह सात बजे
- 13 गेट बंद किए शुक्रवार दोपहर 1.32 बजे
- 02 गेट खुले थे आधा मीटर, इनसे 405 क्यूमेक पानी की हो रही थी निकासी
- 4.30 बजे (शाम) पानी की आवक कम होने पर बंद किए दोनों गेट
बांध का जलस्तर
- 421.65 मीटर है मौजूदा जल स्तर
- 422.76 मीटर है अधिकतम जल ग्रहण क्षमता