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जबलपुर। काफी कम उम्र में एक बच्ची अपनों से दूर हो गई। जब उसने होश संभाला तो एक आश्रम की आंगन में वह खेल रही थी। आश्रम में रहकर ही उसने पढ़ाई की। वहीं, रहकर उसके सारे सपने परवान चढ़ें। लेकिन ये लाड़ली अब इतनी बड़ी हो गई है कि शुक्रवार को जिंदगी के एक नए रिश्तें से बंध गई। राजकुमारी बाई आश्रम की इस लाड़ली का हाथ महाराष्ट्र से आए गौरव ने थामा। उसने कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की मौजूदगी में प्रियंका की मांग में सिंदूर भरा और दोनों एक-दूजे के हो गए। बेहद सादगी के साथ हुए इस विवाह में कुछ खास मेहमान ही मौजूद रहे।
सगी बहन से बड़ा फर्ज निभाया
राजकुमारी बाई आश्रम की प्रियंका के जीवन में उसकी मुंहबोली बहन ने बड़ा फर्ज निभाया। प्रियंका के लिए लड़के को उसने ही ढूंढा। उसकी मुंह बोली बहन श्वेता सुमन की शादी भी महाराष्ट्र में हुई है। उसके पति ने जलगांव के रहने वाले गौरव के बारे में श्वेता को बताया उसने फौरन रिश्तें की बात शुरू की। गौरव से मिलकर उसे प्रियंका के बारे में बताया। इसके बाद श्वेता के प्रयासों से यह रिश्ता तय हुआ। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में स्पेशल मैरेज एक्ट के तहत दोनों ने शादी की। इस मौके पर श्वेता, उसके पति, जलगांव से गौरव के परिजन और राजकुमारी बाई आश्रम के अधीक्षक सहित कुछ खास मेहमान उपस्थित थे।
श्वेता का आश्रम से पुराना रिश्ता
प्रियंका को जीवनसाथी चुनने में मदद करने वाली श्वेता का राजकुमारी बाई आश्रम से पुराना नाता है। दरअसल, श्वेता भी पहले राजकुमारी बाई आश्रम में रहती थी। वह करीब 12 साल तक आश्रम में रही। उसके बाद जलगांव के ही एक युवक ने एक दिन आकर उसका हाथ थामा और दोनों जीवनसाथी बन गए।
मैनेजर है प्रवीण
प्रियंका के साथ विवाह रचाने वाला 29 वर्षीय गौरव प्रवीण वाण पिता मुरलीधर वाणी जलगांव का रहने वाला है। वह एक टूरिस्ट एंड ट्रांसपोर्ट कंपनी में मैनेजर है। शादी के दौरान प्रियंका के पिता का दायित्व राजकुमारी बाई आश्रम के अधीक्षक ने निभाया। दोनों के मैरेज रजिस्टर पर हस्ताक्षर करते ही कलेक्ट्रेट में मिठाई बांटी गई। एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों ने नव वर-वधु को शुभकामनाएं दी।
Published on:
04 May 2018 05:26 pm

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