
mysterious and miraculous pond in narsinghpur
जबलपुर। हमारे देश में कई रहस्य भरे पड़े हैं। इन्हीं रहस्यों में शामिल है नरसिंहपुर, चौगान किले का तालाब, सैकड़ों फीट ऊंची पहाड़ी पर बने इस तालाब का पानी भीषण गर्मी में भी लबालब रहता है। इसे देखकर लोग हैरान रह जाते हैं। सदियों प्राचीन इस तालाब को लेकर कुछ किंवदंतियां भी प्रचलित हैं। कहा जाता है कि इस तालाब में स्वयं नर्मदा प्रगट हो गई थीं। राजा को मिले वरदान के कारण इस तालाब का पानी कभी नहीं सूखता। आज भी बड़ी संख्या में लोग चौगान तालाब के समीप सुकून के पल बिताने के लिए पहुंचते हैं।
राजा ने कराया निर्माण
नरसिंहपुर जिले की करेली तहसील मुख्यालय से करीब 22 किमी दूर चौगान का किला स्थित है। गोंडवाना राजवंश के उत्तराधिकारी संग्राम सिंह ने वावनगढ़ के प्रमुख तौर पर लगभग 1543 ई. में चौगान किले का निर्माण कराया था। यहां प्राचीन महत्व का कुंड, तालाब व अन्य बेजोड़ कलाकृतियां आज भी आकर्षण का केन्द्र हैं। 18 वीं सदी में यहाँ के राजा प्रेमनारायण थे। प्रेमनारायण मां दुर्गा और नर्मदा के अनन्य भक्त थे।
तालाब में मिल गईं मां नर्मदा
इतिहासकार आरडी दुबे बताते हैं कि राजा प्रेमनारायण रोजाना नर्मदा स्नान, दर्शन और पूजन के लिए कई किमी दूर नर्मदा तट पर जाते थे। एक दिन जब वे स्नान के लिए नदी में उतरे तो नर्मदा माता ने उन्हें दर्शन दिए और वर मांगने को कहा। राजा ने कहा कि आप हमेशा मेरे पास ही रहें। वे अपने कपड़े, कमंडल और अन्य चीजें नर्मदा तट पर ही छोड़ आए। जब वे किले में वापस आए तो उनकी सारी वस्तुएं तालाब के किनारे उसी हाल में मिलीं जैसी वे नर्मदा तट पर छोड़ आए थे। इसकी चर्चा दूर-दूर तक फैली और तालाब में मां नर्मदा के प्राकट्य की बात मानी जाने लगी। तभी से इस तालाब के जल को नर्मदा का सा पवित्र भी माना जाने लगा।
बारहों माह लबालब रहता है पानी
गर्मियों में अब जहां जलस्रोत सूख जाते हैं, कई बड़ी नदियों मेंं भी नाममात्र का पानी बचता है तब भी इस तालाब में भरपूर पानी रहता है। क्षेत्र के इतिहासकार डॉ. अजय जायसवाल भी इसे आश्चर्यजनक बात बताते हैं। डा. जैसवाल के मुताबिक इतिहास या पुरातत्वविद कभी भी किवंदंती के आधार पर कुछ नहीं कहते पर यह तालाब वाकई अद्भुत है। पहाड़ की तलहटी के अधिकांश जलस्रोत सूख जाते हैं पर कई सौ मीटर ऊपर स्थित यह तालाब हमेशा पानी से लबालब भरा रहता है। कुछ बात तो जरूर है जो इसे अन्य तालाबों, झीलों से अलग करती है। मान्यता है कि यह मां नर्मदा के प्रगट होने और उनके वरदान के कारण ही हमेशा लबालब रहता है।
Published on:
03 Dec 2017 02:51 pm

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