script दुर्गोत्सव में वाहनों का बाजार गुलजार, दिवाली के लिए अभी से बुकिंग | Vehicle market buzzing during Durga festival | Patrika News

दुर्गोत्सव में वाहनों का बाजार गुलजार, दिवाली के लिए अभी से बुकिंग

locationजबलपुरPublished: Oct 27, 2023 05:53:42 pm

Submitted by:

prashant gadgil

कई एजेंसियों में वाहनों का स्टॉक हुआ खत्म

 

automobile_market.jpg
automobile_market.jpg

जबलपुर . नवरात्र के नौ दिन में शहर में वाहनों का बाजार गुलजार रहा। दोपहिया से लेकर चार पहिया और अन्य प्रकार के वाहनों की जमकर खरीदी हुई। विशेष मुहुर्त में वाहनों की खरीदी के लिए लोगों की कतार लगी रही। दुर्गोत्सव में वाहनों के बाजार में आए बूम से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि धनतेरस और दिवाली में दुर्गोत्सव के मुकाबले कई गुना तक वाहनों की बिक्री होगी। वाहनों को बुक करना अभी से शुरू कर दिया गया है।

हर मॉडल और रंग की डिमांड

शहर के दोपहिया और चार पहिया वाहनों की एजेंसी के संचालकों ने अभी से कम्पनी में सम्पर्क करना शुरू कर दिया है। धनतेरस और दिवाली के लिए हर एक चार पहिया वाहनों के बेस मॉडल से लेकर टॉप मॉडल तक और दुपहिया वाहनो के मॉडल को बुक किया जा रहा है। अलग-अलग रंग और फीचर्स का भी ध्यान रखा जा रहा है। ग्राहकों को दिवाली पर वाहनों की समय पर डिलेवरी दी जा सके इसका ध्यान रखा जा रहा है। कई वाहन एजेंसियां छोटे-छोटे आऊटलेट्स के जरिए भी वाहनों की बुकिंग कर रही हैं।धनतेरस और दिवाली में वाहनों की जमकर खरीदी की जाती है। ऐसे में एजेंसियों के पास वाहनों की कमी पड़ जाती है। इस कारण उसी दिन वाहन खरीदने पहुंचने वालों को परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार तो ऐसा होता है कि उन्हें वाहन नहीं मिल पाता। इसके अलावा कई चार पहिया वाहनों की डिमांड मार्केट में इतनी हैं कि उन्हें पहले से बुक करना पड़ता है। ये वाहन बुकिंग पर ही मिलते हैं। यही कारण है कि लोग वाहनों की बुकिंग पहले से कर रहे हैं।

ऐसे मिलेगा च्वाइस नम्बर

किसी भी दोपहिया और छोटे चार पहिया वाहन के लिए यदि वाहन मालिक च्वाइस नम्बर प्राप्त करना चाहता है, तो उसे एमपी ऑनलाइन के माध्यम से परिवहन विभाग की वेबसाइट में नम्बर का जिक्र करना होता है। उसे ढाई हजार रुपए फीस चुकानी पड़ती है। वीआईपी नम्बर प्राप्त करने के लिए एमपी ऑनलाइन के माध्यम से परिवहन विभाग की वेबसाइट पर बेट लगानी होती है। जिसकी बेट अधिक होती है वीआईपी नम्बर उसे आवंटित कर दिया जाता है। कई वाहन मालिक ऐसे हैं, जो अपने सभी वाहनों में एक सा रजिस्ट्रेशन नम्बर चाहते हैं। वीआईपी नम्बरों के लिए ज्यादा शुल्क चुकाना पड़ता है। इसी के चलते च्वाइस नम्बर लेना लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

नवरात्र में वाहनों की बिक्री

दो पहिया- 800चार पहिया- 200

इलेक्टि्रक वीकल- 150अन्य वाहन- 300

ट्रेंडिंग वीडियो