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Akshaya Tritiya के दिन विवाह इसलिए माना जाता है बहुत शुभ

इस तिथि में शुभ कार्य, क्रय-विक्रय, दान-पुण्य और जप का अक्षय फल प्राप्त होता है

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vivaah muhurt 2018: Akshaya Tritiya auspicious day for marriage

vivaah muhurt 2018: Akshaya Tritiya auspicious day for marriage

जबलपुर. लगभग सवा माह बाद से शादियां बंद पड़ी हैं। १२ मार्च से थमी पड़ी शहनाइयों की गूंज १८ अपै्रल से फिर शुरु होगी। संयोग से इसी दिन अक्षय तृतीया है। इस दिन सात फेरे ल्ेकर अक्षय बंधन में बधनेवालों की लंबी लाइन लगी है। मांगलिक और पुण्य कार्यों के लिए श्रेष्ठ अक्षय तृतीया को शादियों के लिए सर्वश्रेष्ठ मुहुर्त माना जाता है ज्योतिर्विदों के अनुसार इस तिथि में शुभ कार्य, क्रय-विक्रय, दान-पुण्य और जप का अक्षय फल प्राप्त होता है।


अक्षय तृतीया स्वयंसिद्ध मुहूर्त
१८ अप्रैल को अक्षय तृतीया से ही वैवाहिक मुहूर्त शुरू हो रहे हैं। इस दिन सात फेरे लेने वाले वर-वधु अक्षय बंधन में बंधेंगे। ज्योतिर्विद जनार्दन शुक्ला ने बताया कि अक्षय तृतीया स्वयंसिद्ध मुहूर्त है। वहीं तृतीया तिथि सूर्योदय से सूर्यास्त तक रहेगी। सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने के बाद १२ मार्च से शहनाई की धुन थम गई है। १४ अप्रैल को सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे तो १८ अप्रैल से लगन शुरू होगी।


गर्मी में अधिकमास
गर्मियों में वैसे एक बार फिर शादियों को बे्रक लगेगा. १८ अपै्रल से शुरु होनेवाली शादियां एक माह बदस्तूर जारी रहेंगी पर१६ मइ से शहनाइयों की गूंज फिर थम जाएगी। लगभग एक माह तक बंद रहने के बाद १३ जून से शादियां शुरु होंगी. १६ मई से १३ जून तक अधिकमास के कारण शादियां नहीं होंगी. वैसे भी इस बार गर्मी में लगन कम हैं।

भडऱी नवमी का अबूझ मुहूर्त
कम तिथियों में ज्यादा विवाह होने हैं, इस कारण बारात घरों से लेकर बैंडबाजा, बग्घी की बुकिंग पहले अधिकांश हो चुकी है। चार माह में सिर्फ ३२ लगन हैं। १६ जुलाई को अंतिम लगन है। जबकि २१ जुलाई को भडऱी नवमी का अबूझ मुहूर्त है। इस दिन मुहूर्त देखने की आवश्यता नहीं रहती। २३ जुलाई को देव शयनी एकादशी के बाद चार माह तक मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा।

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