
Wild life Jabalpur
जबलपुर. वन विभाग की रेस्क्यू टीम शनिवार को डुमना विमानताल पर मिले दो नवजात शावकों को तेंदुए का शावक समझकर शहर ले लाई। जांच में पुष्टि हुई कि दोनों शावक जंगली बिल्ली के बच्चे हैं। तेंदुए के शावक की खबर पर वन विभाग के आला अफसर भी रवाना होने वाले थे। वेटरनरी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ एंड हेल्थ के डॉक्टरों ने बताया, लाए गए शावक जंगली बिल्ली के शावक जैसे प्रतीत हो रहे हैं।
ये है मामला
डुमना हवाईअड्डे के रन-वे के समीप शनिवार सुबह 10.30 बजे दो नवजात शावकों को देख हड़कम्प मच गया। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने वन विभाग को सूचना दी कि बाउंड्रीवॉल के भीतर तेंदुए के शावक आ गए हैं। रेस्क्यू टीम तत्काल एयरपोर्ट पहुंची। रेस्क्यू टीम भी स्पष्ट पहचान नहीं कर सकी कि वे तेंदुए के शावक थे या किसी अन्य वन्यप्राणी के। वेटरनरी यूनिवर्सिटी के वाइल्ड लाइफ स्कूल ऑफ फोरेंसिक एंड हेल्थ के डॉक्टरों के अनुसार शावक तेंदुए के नहीं है। उनकी आंखें भी नहीं खुली हैं। जंगली बिल्ली के शावक होने की सम्भावना है। रेस्क्यू टीम के प्रभारी गुलाब सिंह राजपूत ने बताया, वेटरनरी डॉक्टर की सलाह पर शावकों को वाइल्ड लाइफ सेंटर में रखा गया है। रेस्क्यू टीम में रामविनोद मांझी, अजीत गर्ग, शारदा यादव आदि शामिल थे।
एक सप्ताह बाद चलेगा पता
उधर, तेंदुए के शावक मिलने की सूचना पर वन विभाग के सीनियर अफसर वेटरनरी यूनिवर्सिटी की ओर रवाना होने वाले थे, तभी डॉ. अमोल रोकड़े ने बताया, शावक जंगली बिल्ली के जैसे प्रतीत हो रहे हैं। एक सप्ताह बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा कि वे किस वन्यप्राणी के शावक हैं।
डुमना में वाइल्ड लाइफ पर सवाल
हवाईअड्डे की बाउंड्री के भीतर तेंदुए, लकड़बग्घा या सियार के बच्चे होने की आशंका पर अफसरों को पसीना आ गया। सवाल उठने लगा कि रन-वे के पास मादा जानवर कैसे पहुंची। क्योंकि, नवजात शावकों की आंखे भी नहीं खुल रही थीं। जंगली बिल्ली के शावक होने के अंदेशे पर अफसरों ने राहत की सांस ली।
Updated on:
28 Oct 2018 01:15 am
Published on:
28 Oct 2018 06:06 am
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
