
wildlife pangolin
जबलपुर. विलुप्तप्राय वन्य जीव पेंगोलिन सोमवार को घाना के पास मृत मिला। स्थानीय लोगों ने मृत अवस्था में देखकर वन विभाग को सूचना दी। विभाग ने पैंगोलिन के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उल्लेखनीय है कि पैंगोलिन शेड्यूल वन की श्रेणी में आने वाला जीव है।
अजीब सा जानवर देख सूचना दी
घाना के पास छोटा घाट के समीप लोगों को अजीब सा जानवर पड़े हुए नजर आया। इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। स्थानीय वन्य प्राणी विशेषज्ञ भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पेंगेालिन की पहचान और शेड्यूल वन का संरक्षित जीव होने के कारण तुरन्त वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग के बीट गार्ड एसके कोरी, धनंजय घोष आदि पहुंचे। उन्होंने पेंगोलिन के शव को सुरक्षित कर वेटरनरी अस्पताल भिजवाया। जहां इसका पोस्टमार्टम किया जाएगा ताकि मौत के कारणों का पता चल सके। वन कर्मियों की प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि समीप ही परियट नदी होने के कारण कहीं नदी से बहकर यह जीव घाट के पास तक पहुंच गया।
डायनासोर की प्रजाति में है पैंगोलिन
विशेषज्ञों के अनुसार पेंगोलिन विलुप्त श्रेणी में आ चुका है। इसे डायनोसोर की प्रजाति में रखा गया है। ये 100 साल से अधिक जिंदा रहते हैं। वन्य प्राणी विशेषज्ञ शंकरेंद्रू नाथ मुखर्जी कहते हैं कि जंगलों के नष्ट होने से अब पेंगोलिन की संख्या तेजी से कम होती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लाखों रुपए है। इसकी खाल में पाए जाने वाले स्केल्प से कई तरह के औजार व दवाएं बनाई जाती हैं।
Published on:
08 Aug 2023 11:39 am
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