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बनना चाहिए वल्र्ड रामायण दर्शन सर्किट

विद्वानों ने वसुधैव कुटुम्बक म का संदेश देने के लिए बताई आवश्यकता, वल्र्ड रामायण कांफ्रें स में तीसरे दिन विद्वानों ने रखे विचार

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विद्वानों ने वसुधैव कुटुम्बक म का संदेश देने के लिए बताई आवश्यकता, वल्र्ड रामायण कांफ्रें स में तीसरे दिन विद्वानों ने रखे विचार

विद्वानों ने वसुधैव कुटुम्बक म का संदेश देने के लिए बताई आवश्यकता, वल्र्ड रामायण कांफ्रें स में तीसरे दिन विद्वानों ने रखे विचार

जबलपुर। विश्वभर को सृजन व शांति का पैगाम देने के लिए वल्र्ड रामायण दर्शन सर्किट बनना चाहिए। भगवान राम के विश्वभर में यात्रा पथ के राम रसिकों को दर्शन कराने की दिशा में भारत, श्रीलंका, थाईलैंड और फिलीपींस, मलेशिया, मारीशस, भारत की सरकार रामायण दर्शन सर्किट का गठन कर सकती हैं। इस पथ के दर्शन करने के लिए राम रसिकों को रामायण वीजा दे सकती हैं। वल्र्ड रामायण कांफ्रें स में तीसरे दिन मंगलवार को श्रीलंका सरकार के सांस्कृतिक सलाहकार बाला बेंकटेश्वर राव ने ये बात कही। सभी ने उनकी बात का समर्थन किया।
मर्यादा पालन सिखाया
यूएस से आए प्रो माइकल स्टीफ न ने कहा, राम ने सिखाया है कि सारे ब्रम्हांड के जीवों के बीच किस तरह से मर्यादा रखने के साथ अनुशासन का पालन करना चाहिए। राम ने वन में सभी को मित्रवत व्यवहार से अपना बनाया। रामायण में राम के लीला काल का अहम् ब्रह्मास्मि नहीं बताया क्योंकि वह मानव रूप में विद्यमान हैं।
मीर ने समां बांधा
अंतरराष्ट्रीय सूफ ी गायक उस्मान मीर ने प्रस्तुति देकर समां बांधा। कवि सुदीप भोला के संचालन में कवि गुरमीत राणा, रुची चतुर्वेदी ने कविताओं की प्रस्तुति दी। फ ारूख रामायणी व संजय सिन्हा ने भगवान राम पर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में वित्त मंत्री तरुण भनोत भी शामिल हुए।
होली खेलें रघुवीरा
होली खेलें रघुवीरा के सुमधुर गायन के साथ राम लीला समिति गढ़ा के कलाकारों ने अवध की होली का मंचन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। भगवान के बचपन की होली का दृश्य जीवंत किया। साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी, विधायक अजय विश्नोई, डॉ. अखिलेश गुमाश्ता, अशोक मनोध्याय, रवि रंजन, विंध्येश भापकर, अमरेंद्र नारायण, आदित्य मिश्रा, शिशिर अग्रवाल, संजय यादव, पवित्र मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
इन्होंने किया सम्बोधित
डॉ. तनूजा अजोतिकर, वीनू बाला अरुण, अविनाश राव, एम कुप्पुस्वामी, अमरनाथ दुबे, जीके अग्निहोत्री, राघवेंद्र गुमाश्ता, रामेश्वर बापू हरियाणी, नरेंद्र कौशिक, माइकल स्टेनफ ील्ड, डॉ. कृष्णकांत चतुर्वेदी।