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इस शहर के युवा संभालते हैं ट्रैफिक व्यवस्था

सामुदायिक पुलिसिंग का अनूठा उदाहरण बना ‘ट्रैफिक वार्डन’

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 ट्रैफिक वार्डन के तौर पर 150 युवाओं ने युवा ट्रैफिक फोर्स टीम बनायी

ट्रैफिक वार्डन के तौर पर 150 युवाओं ने युवा ट्रैफिक फोर्स टीम बनायी

जबलपुर। शहर के बेतरतीब ट्रैफिक में गुत्थम-गुत्था होते वाहनों में फंसने के बाद व्यवस्था को तो हर कोई कोसता है, लेकिन क्या कभी खुद सडक़ पर उतर कर व्यवस्था संभालने का कदम उठाया है। शायद नहीं। मगर शहर के कुछ युवाओं ने अपनी व्यस्त दिनचर्या से कुछ वक्त निकाला है शहर के बिगड़े ट्रैफिक को सुधारने के लिए। सप्ताह में पांच दिन अपने लिए और 2 दिन शहर के लिए देने वालों में शहर के कुछ युवाओं का ग्रुप ट्रैफिक वार्डन बनकर औरों के लिए अनूठा उदाहरण पेश कर रहे हैं। यातायात सुधारने के लिए हर शनिवार और रविवार ये युवक किसी न किसी चौराहे की व्यवस्था संभालते हैं।
जानकारी के अनुसार ट्रैफिक वार्डन के तौर पर 150 युवाओं ने युवा ट्रैफिक फोर्स टीम बनायी है। इस टीम में 20 युवतियां भी शामिल हैं। शनिवार को इस टीम ने बदल्वेदबाग और ब्लूम चौक पर ट्रैफिक की कमान संभाली। इस दौरान इनके द्वारा आम लोगों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी गई। डीएसपी अंकित सिंह ने इन युवाओं को ट्रैफिक वार्डन आइ-कार्ड भी प्रदान किए। इस टीम की शुरूआत अमन गंगराड़े ने की। उन्होंने दोस्त गौतम अवस्थी, सक्षम जैन, समर्थ बत्रा, दुर्गेश मिश्रा, हर्षित सिंह के साथ मिलकर शहर के युवाओं को जोडऩा शुरू कियाथा। यह ग्रुप हर शनिवार व रविवार को 8 चौराहों पर शाम को 4 घंटे ट्रैफिक व्यवस्था संभालता है। इसी तरह का ग्रुप बुजुर्गो का भी तैयार हो चुका है। ये ग्रुप भी अलग-अलग चौराहों की ट्रैफिक व्यवस्था संभालता है।
यातायात प्रशिक्षण शिविर आज
यातायात पुलिस और प्रजापति ब्रह्मकुमारी आश्रम के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को वेटरनरी कॉलेज में यातायात प्रशिक्षण जागरुकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसमें ट्रैफिक पुलिस वार्डन, वाहन चालक, ऑटो चालक, बस तथा ट्रक एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल होंगे।
वर्जन-
सामुदायिक पुलिसिंग के कंसेप्ट के आधार पर ट्रैफिक वार्डन पर काम शुरू किया था। अपेक्षा के अनुरूप अब तक लोग नहीं जुड़ पाए हैं, लेकिन फिर भी युवाओं, बुजुर्गों सहित कुछ निजी संस्थाओं द्वारा विभिन्न चौराहों पर सप्ताह में दो दिन ट्रैफिक व्यवस्था संभालने का अच्छा संदेश लोगों में जा रहा है। जब कोई अपना समझाता है, तो इसका असर भी दिखता है।
अमृत मीणा, एएसपी, ट्रैफिक