रांझी स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज छात्रावास परिसर में आयोजित श्रीमज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक जिनबिम्ब प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान मंगलवार को तप कल्याणक की क्रियाएँ संपन्न हुईं। इस अवसर पर नीलांजना नृत्य देख युवराज आदिकुमार को वैराग्य आ गया। इस दौरान लौकान्तिक देव-आगमन, युवराज भरत बाहुबलि राज्य तिलक, दीक्षा अभिषेक, दीक्षा वन गमन व दीक्षा कल्याणक संस्कार विधि हुई।
रांझी इंजीनियरिंग कॉलेज छात्रावास परिसर में चल रहे पंचकल्याणक महोत्सव में हुए तप कल्याणक के विधान
जबलपुर। रांझी स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज छात्रावास परिसर में आयोजित श्रीमज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक जिनबिम्ब प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान मंगलवार को तप कल्याणक की क्रियाएँ संपन्न हुईं। इस अवसर पर नीलांजना नृत्य देख युवराज आदिकुमार को वैराग्य आ गया। इस दौरान लौकान्तिक देव-आगमन, युवराज भरत बाहुबलि राज्य तिलक, दीक्षा अभिषेक, दीक्षा वन गमन व दीक्षा कल्याणक संस्कार विधि हुई। रात्रि में भरत महाराज के राजदरबार का दृश्य देख दर्शक मुग्ध हुए। अर्हं योग प्रणेता मुनि प्रणम्य सागर एवं मुनि चंद्रसागर के सान्निध्य सभी आयोजन हुए।
ब्रह्मचारी विनय भैया बंडा के मार्गदर्शन में प्रात: पात्र शुद्धि, अभिषेक, शांतिधारा, नित्य पूजन, जन्म कल्याणक पूजन, शांति हवन, आचार्य श्री का पूजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विधायक अशोक रोहाणी एवं सिख समाज रांझी का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर ब्रहमेन्द्र इन्द्र अभिषेक-रितु जैन, बृहमोन्तर इन्द्र आशीष-हेमलता जैन, लान्तव इन्द्र अमित-राजुल जैन, कापिल इन्द्र साकेत-प्रिया जैन, शुक्र इन्द्र प्रदीप-सपना जैन, प्राणत सचिन-मीना जैन व आनत मनोज-शिप्रा जैन मौजूद रहे।
आज होगा ज्ञान कल्यायणक-
18 जनवरी को सुबह 6 बजे से पात्र शुद्धि, अभिषेक, शांतिधारा, नित्यमह पूजन, तपकल्याणक पूजन, शांति हवन, आचार्यश्री का पूजन एवं मुनिश्री के प्रवचन होंगे। दोपहर 1 बजे से ज्ञान कल्याणक की आंतरिक संस्कार क्रियाएँ, प्राण प्रतिष्ठा, सूरि मंत्र, केवलज्ञानेत्पत्ति, समवशरण रचना, केवल ज्ञानकल्याणक पूजन, श्रीजी की दिव्य देशना होगी। शाम 6:30 बजे से संगीतमय महाआरती, शास्त्र प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा।