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एडसमेटा गोलीकांड के 10 साल: अब तक नहीं मिला न्याय, पुलिस फायरिंग में हुई थी 4 नाबालिग समेत 8 ग्रामीणों की मौत

Jagdalpur Breaking News : ग्रामीणों ने घटना को लेकर प्रदेश सरकार की नियति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट में इस मुठभेड़ के फर्जी होने की बात सामने आ चुकी है तो अब इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ अब तक क्यों नहीं कोई कार्रवाई की गई है।

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एडसमेटा गोलीकांड के 10 साल: अब तक नहीं मिला न्याय, पुलिस फायरिंग में हुई थी 4 नाबालिग समेत 8 ग्रामीणों की मौत

एडसमेटा गोलीकांड के 10 साल: अब तक नहीं मिला न्याय, पुलिस फायरिंग में हुई थी 4 नाबालिग समेत 8 ग्रामीणों की मौत

Jagdalpur Breaking News : एडसमेटा घटना की 10 वीं बरसी पर एक बार फिर इलाके के लोगों ने न्याय की गुहार लगाई है। बीजापुर के बुर्जी में आस-पास इलाके के गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मूलनिवासी बचाओं मंच के बैनर तले पहुंचे। ग्रामीणों ने घटना को लेकर प्रदेश सरकार की नियति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट में इस मुठभेड़ के फर्जी होने की बात सामने आ चुकी है तो अब इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ अब तक क्यों नहीं कोई कार्रवाई की गई है।

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50 लाख मुआवजे की मांग

आखिर पीड़ितों के परिजनों को कब तक न्याय मिलेगा ? सरकार को यह बताना चाहिए. मूलवासी बचाओ मंच के सोमारू राम ने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि सिर्फ एडसमेटा ही नहीं बल्कि सारकेगुड़ा, सिलगेर जैसे तमाम फर्जी मुठभेड़ों पर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए और मृतकों परिजनों को 50-50 लाख रुपए का मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए।

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यह है घटना

बीजापुर जिले से लगभग 40 किलोमीटर दूर एडसमेटा गांव में 17 मई 2013 को पारम्परिक बीज पांडुम त्योहार मनाने गांव के सभी ग्रामीण इकट्ठे हुए थे। तभी सुरक्षाबलों ने उन्हें नक्सली समझकर उन पर फायरिंग की थी जिसमें 4 नाबालिग समेत 8 ग्रामीण मारे गए थे। इस गोलीकांड की 8 वर्ष से चल रही न्यायिक जांच की रिपोर्ट आने से अब यह प्रमाणित हो गया है कि गोलीकांड में मारे गए सभी लोग आम ग्रामीण थे।