8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जानिए आज ही के दिन क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय बालिका दिवस, क्या है पीछे का तथ्य, पढि़ए पूरी जानकारी

वर्ष 2009 से पूरे भारत में 24 जनवरी को मनाया जाता है राष्ट्रीय बालिका दिवस

2 min read
Google source verification
जानिए आज ही के दिन क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय बालिका दिवस, क्या है पीछे का तथ्य, पढि़ए पूरी जानकारी

जानिए आज ही के दिन क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय बालिका दिवस, क्या है पीछे का तथ्य, पढि़ए पूरी जानकारी

जगदलपुर. देश में 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की शुरुआत 2009 से की गई। सरकार ने इसके लिए 24 जनवरी का दिन चुना क्योंकि यही वह दिन था जब 1966 में इंदिरा गांधी ने भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। इस अवसर पर सरकार की और से कई कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। समाज में बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरुक बनाने के लिए इस दिन को बालिका दिवस के रूप में मनाया जाता है।

भारत की महिला साक्षरता दर सबसे कम
हमारे देश में कन्या भ्रूण हत्या की वजह से लड़कियों के अनुपात में काफी कमी आयी है। पूरे देश में लिंगानुपात 940 - 1000 है। एशिया महाद्वीप में भारत की महिला साक्षरता दर सबसे कम है। एक रिपोर्ट में बताया गया था कि भारत में 6 से 14 साल तक की ज्यादातर लड़कियों को हर दिन औसतन 8 घंटे से भी ज्यादा समय केवल अपने घर के छोटे बच्चों को संभालने में बिताना पड़ता है। इसी तरह, सरकारी आंकड़ों में दर्शाया गया है कि 6 से 10 साल की जहां 25 प्रतिशत लड़कियों को व 10 से 13 साल की 50 प्रतिशत से भी ज्यादा लड़कियों को स्कूल छोडऩा पड़ता है।

जागरूक समाज भी इस समस्या से अछूता नहीं
आज की बालिका जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रही है चाहे वो क्षेत्र खेल हो या राजनीति, घर हो या उद्योग। एशियन खेलों के गोल्ड मैडल जीतना हो या राष्ट्रपतिए, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के पद पर आसीन होकर देश सेवा करने का काम हो। लेकिन इसके उपरान्त आज भी वह अनेक कुरीतियों की शिकार हैं। ये कुरीतियां उसके आगे बढऩे में बाधाएं उत्पन्न करती हैं। पढ़े-लिखे लोग और जागरूक समाज भी इस समस्या से अछूता नहीं है।

कन्या शक्ति को सामने लाने हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है
हम अनेकों अवसरों पर कन्या का पूजन करते हैं लेकिन जब खुद के घर बालिका जन्म लेती है तो मातम का माहौल बना लेते हैं। कन्याओं को अभिशाप मानने वाले यह भूल जाते हैं कि वह उस देश के वासी हैं जहां देवी दुर्गा को कन्या रूप में पूजने की प्रथा है। जो लोग कन्याओं को बोझ मानते हैं उन्हें ही सही मार्ग बताने और कन्या शक्ति को जनता के सामने लाने के लिए हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है।