script CG Tourism : आइए कभी बस्तर... 20 खास प्रजातियों से बना तितली जोन, खूबसूरती ऐसी कि एकटक देखता रह जाए इंसान | CG Tourism: Butterfly zone of 20 special species, bastar tourism place | Patrika News

CG Tourism : आइए कभी बस्तर... 20 खास प्रजातियों से बना तितली जोन, खूबसूरती ऐसी कि एकटक देखता रह जाए इंसान

locationजगदलपुरPublished: Nov 18, 2023 04:28:56 pm

Submitted by:

Kanakdurga jha

Bastar Tourism News : विश्व प्रसिद्ध कांगेर घाटी इन दिनों रंग बिरंगी तितलियों से गुलजार है।

खूबसूरती ऐसी कि एकटक देखता रह जाए इंसान
खूबसूरती ऐसी कि एकटक देखता रह जाए इंसान
जगदलपुर। Bastar Tourism News : विश्व प्रसिद्ध कांगेर घाटी इन दिनों रंग बिरंगी तितलियों से गुलजार है। यहां कांगेर घाटी के एक हिस्से में तितलियों को देखने के लिये पर्यटक रूक जाते हैं और भीड़ लग जाती है। पार्क प्रबंधन द्वारा इसके लिये बकायदा तितली जोन भी बनाया है। यह पूरे प्रदेश में ऐसा पहला स्थान है जहां पर लगभग सौ प्रजाति के तितली पाया जाता है।
जानकारी के मुताबिक यहां पर बीते दो वर्षों में तितलियों के संरक्षण और संवर्धन के चलते इनकी प्रजातियों में वृद्धि हुई है जिनमें कई दुर्लभ प्रजाति के हैं। इसके अलावा यहां पर अन्य जीव जंतुओं के साथ 200 प्रजातियों की पक्षियों की प्रजाति भी मौजूद है। यही वजह है कि यहां पहुंचने वाले सैलानी यहां आकर रोमांचित हो जाते हैं।
कांगेर घाटी में तितलियों के संरक्षण व संवर्धन के लिये लगातार काम किया जा रहा है। यहां पर स्थित तितली जोन को और विस्तार किया जा रहा है और सैलानियों के लिये अधिक सुविधाएं स्थापित किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें

लाखों रुपए चुराकर दिल्ली में कर रहा था अय्याशी.. पुलिस ने ऐसे किया खुलासा



गणवीर धम्मशील, डायरेक्टर कांगेर घाटी

कांगेर के धने जंगलों के बीच छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा तितली जोन बनाया गया है। इस जोन के आस पास काफी संख्या में तितलियों का समूह देखा जा सकता है। यह रंग-बिरंगे तितलियां यहां पहुंचने वाले पर्यटकों का मन मोह लेती है। पार्क में बारहों महीने अलग-अलग प्रजाति के रंग-बिरंगी तितलियों को देखा जा सकता है। कांगेर वैली नेशनल पार्क के डायरेक्टर गणवीर धम्मशील ने बताया कि तीरथगढ़ जाने वाले रास्ते से करीब 2 किलोमीटर की पगडंडी वाले रास्ते से निर्धारित चयन स्थान से तितली जोन तक पहुंचा जा सकता है। इस जोन को वर्तमान में और अधिक आकर्षक बनाने के लिए काम किया जा रहा है।
पार्क इलाके में दुर्लभ हिमालयन वैगरेंट बटरफ्लाई भी देखा गया है। यहां पर इस तितली का मिलना बेहद खास बताया जा रहा है। शोध के मुताबिक ये तितली यहां पर हिमालयन वैली से ईस्टर्न घाट के रास्ते पहुंची है। शोध के मुताबिक हिमालयन वैली का उड़ीसा के ईस्टर्न घाट के जरिए बस्तर के जंगल से जुड़ाव हैं। हिमालयन वैगरेंट बटरफ्लाई तितली को मध्य भारत के 148 वीं तितली रिकॉर्ड की गई है, वहीं अकेले कांगेर नेशनल पार्क में दर्जनों की संख्या में इस तितली को रिकॉर्ड किया गया है।
100 से अधिक प्रजातियों की तितली : पार्क प्रबंधन के मुताबिक तितली जोन की स्थापना के बाद लगभग 100 प्रजातियों की पहचान किया गया है । इसके अलावा यहां कई दुर्लभ प्रजाति के तितली भी देखने को मिलती है। पार्क में आने वाले सैलानी इसे आसानी से देख सके इसके लिये ज्यादातर तितलियां दिखाई देने वाले स्थान को तितली जोन बनाया गया है। तितली जोन से इलाके में ब्लू मोनमोन, ब्रांडेड पीकॉक, लाइन बटरफ्लाई, जेजीवेल राजा, कामन इवनिंग ब्राउन, ब्लू टाइगर, ब्लू पेनशील, पेटेंट लेडी, टाइगर तितली, कामन नवाब, जेट एग फ्लाई, सहित अन्य प्रजाति के तितलियां देख जा सकता है।

ट्रेंडिंग वीडियो