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CG Tourism : सिर्फ जलप्रपात ही नहीं.. रंग-बिरंगी चिड़ियों ने बढ़ाई भी बस्तर की खूबसूरती, नज़ारे देख नहीं थकती आंखें

Chhattisgarh Tourism : कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में नये वर्ष के दौरान पहुंचने वाले बर्ड वाचिंग के शौकीन सैलानियों को पक्षी दर्शन कराने के उद्देश्य से बर्ड वाचिंग टावर में विशेष व्यवस्था किये जा रहे हैं।

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CG Tourism : कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में नये वर्ष के दौरान पहुंचने वाले बर्ड वाचिंग के शौकीन सैलानियों को पक्षी दर्शन कराने के उद्देश्य से बर्ड वाचिंग टावर में विशेष व्यवस्था किये जा रहे हैं। पिछले वर्ष तीन दिवसीय पक्षी सर्वेक्षण सम्पन्न होने के बाद यहां मिलने वाले पक्षियों की तादात और उन पक्षियों की मौजूद प्रजातियों से उत्साहित हैं। यही वजह है कि उद्यान प्रबंधन यहां मौजूद पक्षियों के अनोखे संसार से सैलानियों को रूबरू कराने प्रयासरत है।

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ईको टूरिज्म के अंतर्गत बर्ड वाचिंग रोडमेप

कांगेरघाटी में पक्षी सर्वे के बाद प्रबंधन यहां पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए बर्ड वाचिंग रोडमेप तैयार किया जा रहा है जिसके चलते यहां पक्षी प्रेमियों को भारत के पश्चिमी घाट एवं पूर्वीय हिमालय में पाए जाने वाले पक्षियों को देख पाएंगे। इसके अलावा यहां पहुँचने वाले यूरोपीय देशों और सेंट्रल एशियाई देशों के पक्षियों को भी देखने में आसानी होगी।

बस्तर के कांगेरघाटी राष्ट्रीय उद्यान में प्रतिवर्ष हजारों देशी विदेशी सैलानी पहुँचते हैं। यहां कुटुमसर गुफा के अलावा तीरथगढ़ जलप्रपात मुख्य आकर्षण है। बहुत जल्द ही यहां पक्षियों को देखने बर्ड वाच टावर को तैयार किया जा रहा है। जिसके बाद यहां पाये जाने वाले सैकड़ों प्रजातियों के पक्षियों को सैलानियों द्वारा देखा जा सकेगा।

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कई दुर्लभ प्रजाति के पक्षी

पक्षी विशेषज्ञों के मुताबिक बस्तर में पक्षियों के रहवास के लिए अनुकूल वातावरण पाया गया है। इसी वजह से यहां कई दुर्लभ प्रजाति के पक्षी मौजूद हैं।मालाबारी ट्रोगोन, कलसिरी पीली बुलबुल, पिला राम गांगरा, काला बाजा, जर्डन बाजा सहित छोटा तोता बहुतायत संख्या में पाया गया है। वहीं सफेद छाती किलकिला, कौडियाला किलकिला, गजपाव सहित अनेक दुर्लभतम पक्षी पाया गया जो सिर्फ बस्तर में ही देखे जा सकते हैं।

साल का अंतिम लोक अदालत आज, 5050 मामलों की होगी सुनवाई

आज साल के अंतिम लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पक्षकारों के मध्य सुलह द्वारा विवादों के समाधान हेतु हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित सभी न्यायाधीशगण की कुल 8 खण्डपीठ, परिवार न्यायालय की 1 खण्डपीठ एवं स्थायी लोक अदालत की 1 खण्डपीठ सहित कुल 10 खण्डपीठों तथा बस्तर जिले के समस्त राजस्व न्यायालयों के कुल 15 खण्डपीठों का गठन किया गया है। उक्त नेशनल लोक अदालत हेतु गठित समस्त 25 खण्डपीठों में प्रकरणों के निराकरण हेतु सुलहकर्ता सदस्यों के रूप में पेनल अधिवक्ताओं की नियुक्ति की गई है। अदालत के लिए अलग-टलग कुल 5050 प्रकरणों को चिन्हांकित किया गया है।

आज साल के अंतिम लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पक्षकारों के मध्य सुलह द्वारा विवादों के समाधान हेतु हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित सभी न्यायाधीशगण की कुल 8 खण्डपीठ, परिवार न्यायालय की 1 खण्डपीठ एवं स्थायी लोक अदालत की 1 खण्डपीठ सहित कुल 10 खण्डपीठों तथा बस्तर जिले के समस्त राजस्व न्यायालयों के कुल 15 खण्डपीठों का गठन किया गया है। उक्त नेशनल लोक अदालत हेतु गठित समस्त 25 खण्डपीठों में प्रकरणों के निराकरण हेतु सुलहकर्ता सदस्यों के रूप में पेनल अधिवक्ताओं की नियुक्ति की गई है। अदालत के लिए अलग-टलग कुल 5050 प्रकरणों को चिन्हांकित किया गया है।