
देश में पहली बार NMDC ने पार किया 50 एमटी का आंकड़ा (फोटो सोर्स- पत्रिका)
CG News: देश की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी एनएमडीसी की ऐतिहासिक उपलब्धि के केंद्र में बस्तर की खदानें एक बार फिर छा गई हैं। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने 53 मिलियन टन से अधिक उत्पादन कर नया कीर्तिमान बनाया है, जिसमें बस्तर के किरंदुल और बचेली खदानों की सबसे अहम भूमिका रही।
एनएमडीसी देश की पहली कंपनी बन गई है जिसने 50 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन का आंकड़ा पार किया है। इस रिकॉर्ड के पीछे बस्तर अंचल की खदानों की लगातार बढ़ती क्षमता और बेहतर संचालन को मुख्य वजह माना जा रहा है। मार्च 2026 में कंपनी ने 5.35 एमटी उत्पादन और 5.90 एमटी बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल के मुकाबले 51' और 40' की तेज वृद्धि दर्शाता है। पूरे वर्ष में उत्पादन 53.15 एमटी और बिक्री 50.23 एमटी रही, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
बस्तर के किरंदुल और बचेली क्षेत्र की खदानें न केवल उत्पादन में अग्रणी रही हैं, बल्कि इन्होंने देश के इस्पात उद्योग को मजबूती देने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन खदानों से निकलने वाला उच्च गुणवत्ता का लौह अयस्क देश के बड़े स्टील प्लांट्स की रीढ़ बना हुआ है।
दुबई में अंतरराष्ट्रीय कार्यालय की शुरुआत और झारखंड में कोयला खदान संचालन के साथ कंपनी विस्तार के नए दौर में प्रवेश कर चुकी है, लेकिन इसकी ताकत की असली जड़ अब भी बस्तर की धरती ही बनी हुई है।
आने वाले समय में बस्तर की भूमिका और बढऩे वाली है। एनएमडीसी ने 2030 तक 100 मिलियन टन से अधिक उत्पादन क्षमता का लक्ष्य रखा है, जिसके तहत नई खदानों का विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसका सीधा फायदा बस्तर के स्थानीय युवाओं और अर्थव्यवस्था को मिलने की उम्मीद है।
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Published on:
05 Apr 2026 08:02 pm
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