
Mermaids live in this pond of Bastar, the woman was kidnapped
जगदलपुर। दादी-नानी की कहानियों में जलपरियों का जिक्र हमेशा होता है। बस्तर में एक तालाब है जिसे लेकर किंवदंती है कि वहां जलपरियां रहती हैं। गांव के लोग रात के वक्त उस तालाब के पास से गुजरने से यह कहते डरते हैं कि जलपरियां उनका अपहरण कर लेंगी। गांव की एक दिवंगत महिला को परियों ने अगवा कर लिया था ऐसी बात पूरे गांव में प्रचलित है। हम बात कर रहे हैं जगदलपुर संभाग मुख्यालय से 15 किमी दूर कुरंदी के मुंडा तालाब की जहां जलपरी होने की बात बस्तर में प्रचलित है। बताया जाता है कि यहां की पूर्व सरपंच दलशाय की मां रुकमणी किसी शादी में हल्दी रस्म के बाद कपड़ा धोने इस तालाब में उतरी जहां से वह गायब हो गई। पूरे गांव वाले इलाके में रुक्मणी को ढूंढते रह गए लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। बाद में तीन दिन बीतने के बाद वह गांव वापस लौटी और बताया कि उसे तालाब की जलपरियां अपने साथ पानी के अंदर लेकर गईं थीं। जहां परियां अनेक तरह के पकवान बनाकर उसे खाने को देती थीं। लेकिन मैंने घर जाने की जिद में खाना-पीना त्याग दिया था जिसके बाद जलपरियों उसे तालाब के किनारे छोड़ गईं। गांव वालों के मुताबिक रुक्मिणी का निधन कुछ समय पहले ही लगभग 90 वर्ष की उम्र में हुआ।
तालाब के अंदर सुरंग के होने की बात भी खूब होती है
किंवदंती है कि कुरंदी मुंडा तालाब के बीचों बीच सुरंग है जो यहां से लगभग डेढ़ सौ किमी दूर ओडिसा के शीतली नामक गांव में तालाब में निकलता है। स्थानीय लोगों की माने तो इस तालाब में कभी मछली मारने अथवा किसी कारण वश तालाब गंदा होने से डेढ़ सौ किमी दूर शीतली गाँव का तालाब भी गंदा हो जाता है। यही हाल वहां के तालाब में होने से कुरंदी मुंडा में भी होता है।
Published on:
13 Feb 2022 11:12 pm
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