
Patrika Raksha Kavach Abhiyan: समाज का हर वर्ग साइबर ठगी की जद में आ रहा है। जरूरी नहीं है कि पीड़ित अनपढ़ है या कम पढ़ लिखा। वर्तमान दौर में अच्छे खासे पढ़े लिखे लोग ही साइबर अपराधियों के जाल में फंसकर अपनी रकम गवां रहे हैं। पढ़े लिखे लोग कम समय में अधिक पैसा कमाने के लालच में लाखों की जमापूंजी दांव पर लगा देते हैं। साइबर फ्राड इतने शातिर होते हैं कि कुछ ही देर में लोगों का भरोसा जीत लेते हैं और उसके बाद उनका असली खेल शुरू होता है।
फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लटफार्म के जरिए भारी रकम निवेश कराकर ठगी करने में कामयाब हो जाते हैं। इस खेल में शातिर ठग कम पढ़े लिखे होते हैं तो वहीं ठगी के शिकार व्यक्ति उससे कही अधिक पढ़ा लिखा निकलता है। पिछले माह इसी तरह के एक मामले में शहर की एक शिक्षिका को ठगों ने विदेशी नंबर से फोन कर बकायदा घर बैठे पैसे कमाने का तरीका बताकर लाखों ठग लिए इसके बाद साइबर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। शिक्षिका से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस जांच कर रही है।
शिक्षिका के मुताबिक उनके मोबाइल में बीते महीने एक विदेशी नबर से कॉल आया। कॉल में किसी महिला ने शिक्षिका से पूछा कि क्या आप घर बैठे बिना रकम लगाए पैसा कमाना चाहते हैं। इसका जवाब हां में मिलते ही महिला ठग ने शिक्षिका को तरीके बताते हुए कुछ टास्क बताए जिनको फालो करते हुए शिक्षिका को कुछ दिन रूपए मिलने लगा।
लगभग 15 दिनों तक रूपए उनकों देने के बाद शातिर ठगों ने उनसे एक एपीके एप डाउनलोड कराकर एकाउंट बनाया। उक्त एकाउन्ट में उनका रकम जमा होने लगा और कुछ दिनों में ही उन्हें 8.40 लाख रूपए जमा बैलेंस दिखाने लगा। इतना बड़ा रकम देख कर महिला शिक्षिका ने इस रकम को निकालना चाही। रकम नहीं निकलने पर उनके द्वारा उपाया पूछे जाने पर कुछ रकम डालने कहा गया। चूंकि शिक्षिका उनके जाल में फंस चुकी थी और पूर्व में मिले रकम के चलते उनके बातों को विश्वास कर पहले 18 हजार और फिर 50 हजार रूपए करते हुए कुल 7 लाख रूपए जमा कर दी।
थाना प्रभारी साइबर थाना जगदलपुर, गौरव तिवारी: पढ़े लिखे लोगों का जल्दबाजी में लिया गया निर्णय ही साइबर फ्रॉड के जाल में फंसने का एकमात्र कारण है। ऐसी कोई तकनीक नहीं है कि आप रातों-रात अमीर बन जाएं। लोग पैसे कमाने इनंटरनेट पर ज्यादा समय बीताने लगे है और उपाय ढूंढ रहे हैं। जालसाजों की लच्छेदार बातों में आकर लोग बेचैन हो जाते हैं और अपने पैसे गंवा बैठते हैं। ऐसी स्थिति से बचने के लिए लोगों को ज्यादा जागरूक होने की जरूरत है।
शिक्षिका के बनाए गए एकांउन्ट में दिख रहे बैलेंस रकम को निकालने ठगों के द्वारा मांगे गए रकम 7 लाख रुपए हो जाने के बावजूद उन्हें राशि नहीं मिला। इसके बाद उन्हें एक मुश्त 6 लाख रुपए की डिमांड की गई जिसके बाद महिला का सब्र टूट गया और उन्हें अपने ठगे जाने का एहसास हुआ। इसके बाद शिक्षिका ने साइबर थाने में आकर ठगी की सूचना दी।
महिला शिक्षिका के अनुसार फोन कॉल में आरोपियों द्वारा कहा गया कि वह गूगल कंपनी से बोल रहे हैं उनके कंपनी द्वारा बनाए गए रेस्टॉरेंट को लाइक व शेयर करें और प्रत्येक लाइक व शेयर पर घर बैठे रुपए मिलने की बात कही गई। शिक्षिका ने उनके द्वारा लिंक में भेजे गए रेस्टॉरेंट का नाम व फोटो को शेयर और लाइक करने पर कुछ दिन तक पैसा मिलने लगा। यह राशि कभी 450 ₹ और कभी 300 ₹ प्रतिदिन था।
Patrika Raksha Kavach Abhiyan: साइबर पुलिस थाना प्रभारी गौरव तिवारी के मुताबिक प्रथम दृष्टया साइबर ठग के तार केरल से जुड़े हो सकते हैं। शिक्षिका को आए फोन नबर विदेशी है इसके अलावा एपीके द्वारा डाउनलोड कराया गया एप फर्जी है जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस की टीम बहुत जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की संभावना है।
Published on:
20 Dec 2024 02:10 pm
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