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एक्सक्लूसिव: जून में अजय देवगन की ‘मैदान और भंसाली की ‘हीरामण्डी में सुनाई देगी जयपुर की 150 साल पुरानी सारंगी

जयपुर। शहर के युवा सारंगी वादक मोमिन खान ने संगीत जगत में अपने हुनर से अलग पहचान बनाई है। जयपुर के संगीत की मिठास और सारंगी की तानें म्यूजिक कॉन्सर्ट के साथ ही बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में भी गूंज रही है। पद्मश्री    

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जयपुर

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Mohmad Imran

May 08, 2023

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शहर के युवा सारंगी वादक मोमिन खान ने 'राजस्थान पत्रिका से की खास बातचीत


जयपुर। शहर के युवा सारंगी वादक मोमिन खान ने संगीत जगत में अपने हुनर से अलग पहचान बनाई है। जयपुर के संगीत की मिठास और सारंगी की तानें म्यूजिक कॉन्सर्ट के साथ ही बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में भी गूंज रही है। पद्मश्री उस्ताद मुइनुद्दीन खान के छोटे बेटे मोमिन अपने परिवार की अठवीं पीढ़ी हैं। मोमिन अपने पिता को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा, रोल मॉडल और गुरु मानते हैं। वह इन दिनों बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर अरिजीत सिंह के म्यूजिक बैंड के स्थायी सदस्य हैं। १५० साल पुरानी उनकी सारंगी की तारीफ करने वालों में ऑस्कर विजेता एआर रहमान, अदनान सामी और शोमैन संजय लीला भंसाली भी हैं। औरंगाबाद में म्यूजिक कॉन्सर्ट में हिस्सा ले रहे मोमिन ने 'राजस्थान पत्रिकाÓ से टेलीफोनिक बातचीत में अपने सफर और आने वाली फिल्मों के बारे में बात की।

सोशल मीडिया से मिला ब्रेक


मोमिन ने बताया, 'सोशल मीडिया ने मुझे अपने शुरुआती ब्रेक दिलाने में बहुत मदद की। मैंने सारंगी पर अपने पिता और गुरु से सीखी कुछ तानों की कम्पोजिशन को अपने स्टाइल में पिरोते हुए दो मिनट की एक वीडियो क्लिप फेसबुक पर शेयर की थी, जिसके बारे में पिताजी को नहीं बताया था। देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया। उस वीडियो पर मुझे करीब 40 हजार व्यूज मिले। इसके बाद मैंने एक और वीडियो वीडियो अपलोड किया जिस पर १ लाख से ज्यादा व्यूज आए और इस बार बॉलीवुड सिंगर-कम्पोजर अदनान सामी ने मेरी इस वीडियो को देखकर काफी तारीफ की। इस वीडियो को उनके अलावा इंडस्ट्री के अन्य लोगों ने भी शेयर किया, जिससे यह बॉलीवुड में वायरल हो गया। इसके बाद मेरे पास म्यूजिक कॉन्सर्ट के लिए कॉल आने लगे।

मलेशिया में किया पहला इंटरनेशनल प्रोग्राम
मोमिन आगे बताते हैं, 'मुझे पहला इंटरनेशनल प्रोग्राम मलेशिया में करने को मिला। इसके बाद मुझे 2021 में लंदन के दरबार फेस्टिवल के लिए भी आमंत्रित किया गया, जो इंडियन क्लासिकल म्यूजिक फेस्टिवल में दुनिया के सबसे बड़े इवेंट्स में से एक है। यहां बिस्मिल्लाह खां साहब जैसे महान कलाकारों ने परफॉर्म किया है। मेरे लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि थी। मैं शायद 'दरबार हॉल फेस्टिवल में परफॉर्म करने वाला इंडिया से सबसे युवा आर्टिस्ट था उस साल। इसके बाद मुझे अरिजीत सिंह के ऑफिस से काल आया और मैंने उनके बैंड को ज्वॉइन किया। रूस में प्रोग्राम करते समय मुझे यशराज फिल्म्स से भी कॉल आया और मैंने उनके लिए भी परफॉर्म किया है।

'दबंग 3 से किया बॉलीवुड डेब्यू


मेरा बॉलीवुड डेब्यू सलमान खान की फिल्म 'दबंग 3 के गाने 'अवारा से हुआ, जिसमें मेरे साथ बतौर सिंगर इंडियन आइडल विनर रहे सलमान अली ने भी डेब्यू किया था। सिलसिला चलता रहा और मुंबई शिफ्ट होने के बाद, मुझे एक दिन संजय लीला भंसाली सर के आफिस से फोन आया। उस वक्त वह 'गंगूबाई काठियावाड़ी बना रहे थे। उसमें मुझे 'जब सैंया में सारंगी बजाने के लिए ऑफर मिला। भंसाली सर ने मेरी सारंगी को पुराने दौर की सारंगी के स्टाइल में कम्पोज करवाया। रिकॉर्ड करने के समय मुझे पता चला कि इसमें श्रेया घोषाल ने गाना गाया है। मैंने इसके बाद भंसाली जी के साथ कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया। बीते साल रिलीज हुआ भंसाली के सोलो एल्बम 'सुकून' में भी मैंने सारंगी बजाई है। मैंने प्रीतम दा, सोनू निगम, शिल्पा राव, सलीम-सुलेमान और एआर रहमान जैसे बड़े कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला। मैंने रहमान सर के लिए उनकी पांच-छह फिल्मों में काम किया है।
इन फिल्मों में सुनाई दी जयपुर की सारंगी
-'दबंग 3
-'गंगूबाई काठियावाड़ी'
-'मिली'
-'पगलैट'
-'चमक'
-'ब्रह्मास्त्र'
-'हीरामंडी'
-'मैदान'
-'शाकुंतलम'
-'पिप्पा'

सब मेरे पिता की दुआओं का सिला


जैसे बच्चों को बचपन में लोरी सुनाई जाती है, हमारे घराने में सारंगी सुनाई जाती है। मैं खुशकिस्मत हूं कि इस घर में मेरा जनम हुआ, जहां, गुरु के रूप में मुझे मेरे पिता मिले। मैं आज जो कुछ भी हूं, उन्हीं की दुआओं का सिला हूं। वह आज भी मुझे रियाज के लिए ताकीद करते रहते हैं। उस्ताद होने के बावजूद उनमें पिता की चिंता साफ झलकती है। मैं सारंगी को इंडियन क्लासिकल म्यूजिक के रूप में दुनियाभर में पहुंचाना चाहता हूं। इन दिनों हम वेस्टर्न इंस्ट्रूमेंट्स को तो पसंद कर रहे हैं, लेकिन अपने साजों और संगीत को भूलते जा रहे हैं। मैं यही अपील करना चाहूंगा कि युवा अपने म्यूजिक को भी दिल से समझें। मोमिन ने भारत में 'फादर ऑफ जैजÓ कहलाने वाले लुईज बैंक्स, अनूप जलोटा, नेहा कक्कड़, इस्माइल दरबार, श्रेया घोषाल, हर्षदीप कौर, असीस कौर, मोहम्मद इरफान, जावेद अली, अभय जोधपुरकर के साथ भी काम किया है।


फैक्ट फाइल


-1998 में जन्मे मोमिन अपने परिवार की आठवीं पीढ़ी हैं
-छह साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता से उन्हें सारंगी सिखाने की इच्छा जाहिर की।
-मोमिन ने शास्त्रीय संगीत और सारंगी में बीए किया है।
-मोमिन के पिता और गुरु उस्ताद मोइनुद्दीन खान, एकमात्र मास्टर सारंगी वादक हैं जिन्हें भारत सरकार की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 'पद्मश्री' से सम्मानित किया था।
-मोमिन प्रत्येक दिन लगभग 6 से 7 घंटे रियाज करते हैं।
-पद्मश्री उस्ताद मोइनुद्दीन खान प्रसिद्ध लेफ्टिनेंट सारंगी समरथ उस्ताद महबूब खान साहब के पुत्र और शिष्य हैं।

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