राजस्थान हाईकोर्ट में कहा कि अवैध खनन के लिए 2.14 करोड़ रुपए जुर्माना राशि पट्टाधारकों से वसूली जा चुकी है।
जयपुर। झुंझुनूं की डेरवाला पहाड़ियों में अवैध खनन से जुड़े मामले में राज्य सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट में कहा कि अवैध खनन के लिए 2.14 करोड़ रुपए जुर्माना राशि पट्टाधारकों से वसूली जा चुकी है। इस पर कोर्ट ने अधिवक्ता धर्मवीर ठोलिया को मौके पर अवैध खनन के संबंध में शपथ पत्र पेश करने को कहा है। मामले पर अब चार सप्ताह बाद सुनवाई होगी।सुरेन्द्र कुमार व अन्य की जनहित याचिका पर न्यायाधीश विजय विश्नोई और न्यायाधीश विनोद कुमार भारवानी की खंडपीठ में सुनवाई हुई। जनहित याचिका में कहा है कि पहाड़ियों में अवैध खनन के कारण तालाब में पानी का प्रवाह बंद हो गया है। ब्लास्टिंग के कारण गांव के घरों में दरारें आ गई है और कई मंदिर भी नष्ट हो चुके हैं। इस बारे में एसडीएम ने भी जिला कलेक्टर को रिपोर्ट दी थी। लेकिन अवैध खनन करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए पहाड़ियोंं में हो रहे अवैध खनन को रोका जाए। जिसमें राज्य सरकार ने कहा कि पट्टाधारक अवैध खनन कर रहे थे उनसे जुर्माना राशि वसूली गई है और अब मौके पर किसी भी तरह का अवैध खनन सीमा से बाहर जाकर नहीं हो रहा है। जिस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ठोलिया ने कहा कि गांव रघुनाथपुरा में अवैध खनन अभी भी जारी है। जिस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता को मौके पर अवैध खनन के संबंध में शपथ पत्र पेश करने के आदेश दिए।