
Rajasthan Textile: जयपुर. राजस्थान के टेक्सटाइल सेक्टर ने वर्ष 2024-25 में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए अपना निर्यात बढ़ाकर 13,500 करोड़ रुपए तक पहुंचा दिया है। यह उपलब्धि राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त टेक्सटाइल निर्माण और निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। बढ़ते वैश्विक बाजार, आधुनिक तकनीक के उपयोग और सरकार की प्रोत्साहनकारी नीतियों का सीधा असर इस तेजी से बढ़ते निर्यात पर देखने को मिल रहा है।
मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर टेक्सटाइल सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में लागू की गई राजस्थान टेक्सटाइल एवं अपैरल पॉलिसी-2025 ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। इस नीति के तहत पहली बार गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को शामिल किया गया है, जिससे निर्यात आधारित उत्पादन को नई गति मिली है।
राज्य में वर्तमान में 1,800 से अधिक टेक्सटाइल और अपैरल यूनिट्स सक्रिय हैं, जो कपड़ा, परिधान, ऊन प्रसंस्करण, तकनीकी टेक्सटाइल, चमड़ा और फुटवियर जैसे विविध उत्पादों का निर्माण कर रही हैं। भीलवाड़ा, बालोतरा, पाली, कोटा और बाड़मेर जैसे जिले ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ नीति के तहत तेजी से उभर रहे हैं। इन क्षेत्रों में उत्पादों की गुणवत्ता, डिज़ाइन और निर्यात क्षमता में निरंतर सुधार हुआ है, जिसका सीधा लाभ निर्यात आंकड़ों में दिखाई दे रहा है।
वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव का मानना है कि राजस्थान में न्यू एज फाइबर की अपार संभावनाएं हैं। मिल्क वीड जैसे पौधों से प्राप्त फाइबर भविष्य में टेक्सटाइल उद्योग के लिए नए अवसर खोल सकता है, जिससे नवाचार और निर्यात विविधता को बढ़ावा मिलेगा।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अनुसार, सरकार द्वारा कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय प्रोत्साहन से उद्योगों को मजबूती मिल रही है। 10 वर्षों तक 80 करोड़ रुपए वार्षिक तक के एसेट क्रिएशन इंसेंटिव जैसे प्रावधान निवेश को आकर्षित कर रहे हैं। तेजी से बढ़ता 13,500 करोड़ रुपये का निर्यात न केवल राज्य की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय कारीगरों के सशक्तिकरण और राजस्थान की वैश्विक पहचान को भी नई दिशा दे रहा है।
| क्रमांक | विषय | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | कुल टेक्सटाइल निर्यात | वर्ष 2024–25 में निर्यात बढ़कर ₹13,500 करोड़ पहुँचा |
| 2 | ऐतिहासिक उपलब्धि | राज्य का अब तक का सबसे बड़ा टेक्सटाइल निर्यात रिकॉर्ड |
| 3 | राष्ट्रीय पहचान | राजस्थान तेजी से राष्ट्रीय टेक्सटाइल हब बन रहा है |
| 4 | नीति समर्थन | राजस्थान टेक्सटाइल एवं अपैरल पॉलिसी-2025 से निवेश को गति |
| 5 | नया सेक्टर शामिल | पहली बार गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर नीति में शामिल |
| 6 | औद्योगिक इकाइयाँ | राज्य में 1,800+ टेक्सटाइल एवं अपैरल यूनिट्स सक्रिय |
| 7 | प्रमुख क्लस्टर | भीलवाड़ा, बालोतरा, पाली, कोटा, बाड़मेर |
| 8 | सरकारी प्रोत्साहन | ₹80 करोड़ वार्षिक इंसेंटिव — अवधि 10 वर्ष |
| 9 | नवाचार एवं विविधता | न्यू एज फाइबर एवं तकनीकी टेक्सटाइल से निर्यात विस्तार |
| 10 | आर्थिक प्रभाव | रोजगार सृजन, कारीगरों की आय में वृद्धि, राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत |
Updated on:
18 Jan 2026, 12:33 PM IST
Published on:
18 Jan 2026, 12:19 PM IST
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