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Textile Export: राजस्थान के टेक्सटाइल निर्यात ने रचा नया कीर्तिमान, 13,500 करोड़ रुपए तक पहुंचा कारोबार

Textile Hub: राज्य में वर्तमान में 1,800 से अधिक टेक्सटाइल और अपैरल यूनिट्स सक्रिय हैं, जो कपड़ा, परिधान, ऊन प्रसंस्करण, तकनीकी टेक्सटाइल, चमड़ा और फुटवियर जैसे विविध उत्पादों का निर्माण कर रही हैं। भीलवाड़ा, बालोतरा, पाली, कोटा और बाड़मेर जैसे जिले ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ नीति के तहत तेजी से उभर रहे हैं।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Jan 18, 2026

Rajasthan Textile: जयपुर. राजस्थान के टेक्सटाइल सेक्टर ने वर्ष 2024-25 में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए अपना निर्यात बढ़ाकर 13,500 करोड़ रुपए तक पहुंचा दिया है। यह उपलब्धि राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त टेक्सटाइल निर्माण और निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। बढ़ते वैश्विक बाजार, आधुनिक तकनीक के उपयोग और सरकार की प्रोत्साहनकारी नीतियों का सीधा असर इस तेजी से बढ़ते निर्यात पर देखने को मिल रहा है।

मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर टेक्सटाइल सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में लागू की गई राजस्थान टेक्सटाइल एवं अपैरल पॉलिसी-2025 ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। इस नीति के तहत पहली बार गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को शामिल किया गया है, जिससे निर्यात आधारित उत्पादन को नई गति मिली है।

वर्तमान में 1,800 से अधिक टेक्सटाइल और अपैरल यूनिट्स सक्रिय

राज्य में वर्तमान में 1,800 से अधिक टेक्सटाइल और अपैरल यूनिट्स सक्रिय हैं, जो कपड़ा, परिधान, ऊन प्रसंस्करण, तकनीकी टेक्सटाइल, चमड़ा और फुटवियर जैसे विविध उत्पादों का निर्माण कर रही हैं। भीलवाड़ा, बालोतरा, पाली, कोटा और बाड़मेर जैसे जिले ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ नीति के तहत तेजी से उभर रहे हैं। इन क्षेत्रों में उत्पादों की गुणवत्ता, डिज़ाइन और निर्यात क्षमता में निरंतर सुधार हुआ है, जिसका सीधा लाभ निर्यात आंकड़ों में दिखाई दे रहा है।

राजस्थान में न्यू एज फाइबर की अपार संभावनाएं

वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव का मानना है कि राजस्थान में न्यू एज फाइबर की अपार संभावनाएं हैं। मिल्क वीड जैसे पौधों से प्राप्त फाइबर भविष्य में टेक्सटाइल उद्योग के लिए नए अवसर खोल सकता है, जिससे नवाचार और निर्यात विविधता को बढ़ावा मिलेगा।

10 वर्षों तक 80 करोड़ रुपए वार्षिक तक के एसेट क्रिएशन इंसेंटिव जैसे प्रावधान

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अनुसार, सरकार द्वारा कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय प्रोत्साहन से उद्योगों को मजबूती मिल रही है। 10 वर्षों तक 80 करोड़ रुपए वार्षिक तक के एसेट क्रिएशन इंसेंटिव जैसे प्रावधान निवेश को आकर्षित कर रहे हैं। तेजी से बढ़ता 13,500 करोड़ रुपये का निर्यात न केवल राज्य की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय कारीगरों के सशक्तिकरण और राजस्थान की वैश्विक पहचान को भी नई दिशा दे रहा है।


📊 राजस्थान टेक्सटाइल निर्यात: प्रमुख तथ्य (2024–25)

क्रमांकविषयविवरण
1कुल टेक्सटाइल निर्यातवर्ष 2024–25 में निर्यात बढ़कर ₹13,500 करोड़ पहुँचा
2ऐतिहासिक उपलब्धिराज्य का अब तक का सबसे बड़ा टेक्सटाइल निर्यात रिकॉर्ड
3राष्ट्रीय पहचानराजस्थान तेजी से राष्ट्रीय टेक्सटाइल हब बन रहा है
4नीति समर्थनराजस्थान टेक्सटाइल एवं अपैरल पॉलिसी-2025 से निवेश को गति
5नया सेक्टर शामिलपहली बार गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर नीति में शामिल
6औद्योगिक इकाइयाँराज्य में 1,800+ टेक्सटाइल एवं अपैरल यूनिट्स सक्रिय
7प्रमुख क्लस्टरभीलवाड़ा, बालोतरा, पाली, कोटा, बाड़मेर
8सरकारी प्रोत्साहन₹80 करोड़ वार्षिक इंसेंटिव — अवधि 10 वर्ष
9नवाचार एवं विविधतान्यू एज फाइबर एवं तकनीकी टेक्सटाइल से निर्यात विस्तार
10आर्थिक प्रभावरोजगार सृजन, कारीगरों की आय में वृद्धि, राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत

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