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दुनिया के 15 देशों में 3 करोड़ बच्चे तीव्र कुपोषण से पीड़ित

संकट : सुरक्षा के लिए कदम उठाने की जरूरत
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जयपुर

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Aryan Sharma

Jan 13, 2023

दुनिया के 15 देशों में 3 करोड़ बच्चे तीव्र कुपोषण से पीड़ित

दुनिया के 15 देशों में 3 करोड़ बच्चे तीव्र कुपोषण से पीड़ित

न्यूयॉर्क. खाद्य और पोषण संकट का सामना कर रहे विश्व के 15 देशों में पांच वर्ष से कम उम्र के तीन करोड़ से अधिक बच्चे वेस्टिंग (Wasting) (ऊंचाई के हिसाब से वजन कम होना) या तीव्र कुपोषण (Acute malnutrition) से पीड़ित हैं। यह समस्या बच्चों के विकास और उनके अस्तित्व के लिए खतरा है।
संघर्ष, जलवायु परिवर्तन, कोरोना महामारी के प्रभावों और जीवनयापन की बढ़ती लागतों ने समस्या को विकराल बनाया है। संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों (United Nations agencies) का कहना है कि कुपोषित बच्चों की सुरक्षा के लिए तुरंत एक्शन लेना चाहिए, जिससे बढ़ते संकट को त्रासदी बनने से रोका जा सके।

निम्न मध्य आय वाले देशों में समस्या गंभीर
'विश्व खाद्य सुरक्षा और पोषण की स्थिति' रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर चाइल्ड वेस्टिंग (Child Wasting) की समस्या निम्न मध्य आय वाले देशों (वैश्विक समस्या का 93%) में व्याप्त है। 2020 में 5 साल से कम उम्र के बच्चों में वेस्टिंग का प्रसार 6.7 प्रतिशत था, जो 2030 के तीन प्रतिशत के लक्ष्य से दोगुना है। आंकड़े दर्शाते हैं कि समस्या को रोकने और इसके उपचार के लिए दुनियाभर में निवेश को बढ़ाया जाना चाहिए।

चाइल्ड वेस्टिंग की दर भारत में सबसे ज्यादा
ग्लोबल हंगर इंडेक्स, 2022 के अनुसार दुनिया के किसी भी देश की तुलना में चाइल्ड वेस्टिंग की दर वर्ष 2017-2021 तक भारत में सबसे ज्यादा (19%) थी। इसके बाद सूडान (17%), यमन (16%), श्रीलंका (15%) और नेपाल (12%) में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे लम्बाई के अनुपात में बेहद पतलेपन के शिकार थे। पिछले चार दशक से भारत में कुपोषण की समस्या बनी हुई है।

इन देशों में हैं बुरे हाल: अफगानिस्तान, बुर्किना फासो, चाड, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, इथियोपिया, हैती, केन्या, मेडागास्कर, माली, नाइजर, नाइजीरिया, सोमालिया, दक्षिण सूडान, सूडान और यमन।