
पांच दशक से सीक्वेरियम में कैद 57 वर्ष की किलर व्हेल ने दम तोड़ा
नई दिल्ली. अमरीका के मियामी के सीक्वेरियम में पांच दशक से कैद दुनिया की सबसे उम्रदराज किलर व्हेल लोलिता की मौत हो गई। लोलिता को टोकिटे या टोकी नाम से भी जाना जाता था, जो ओर्का प्रजाति की थी। सीक्वेरियम में हर दिन उसके करतब देखने हजारों लोग आते थे। आमतौर पर ओर्का का औसत जीवनकाल 50 वर्ष होता है, लेकिन टोकी 57 वर्ष तक जिंदा रही।
टोकी को 8 अगस्त, 1970 में वाशिंगटन के सिएटल में पेन कोव पुगेट में पकड़ा था, जब वह चार वर्ष की थी। बाद में से मियामी सीक्वेरियम को बेच दिया गया। यहां वह ह्यूगो नाम अन्य ओर्का के साथ रही, लेकिन 1980 में ह्यूगो की मौत हो गई। पशु अधिकार समूहों की मांग पर उसे पिछले साल रिटायर कर दिया गया था और प्रशांत महासागर में छोडऩे पर विचार हो रहा था। सबसे पहले 2013 में ‘ब्लॅकफिश’ डॉक्यूमेंट्री के जरिए लोलिता को कैद रखने का विरोध शुरू हुआ था।
सामाजिक समुद्री जीव
मियामी सीक्वेरियम ने ट्वीट कर बताया कि पिछले कुछ दिन से 2268 किलोग्राम वजनी टोकी को बेचैनी के गंभीर लक्षण दिखाई दे रहे थे। इसके बाद उसका इलाज शुरू किया, लेकिन शुक्रवार दोपहर उसकी मौत हो गई। किलर व्हेल्स बेहद सामाजिक समुद्री जीव होती हैं। समुद्र में कोई भी जीव इनका शिकार नहीं कर सकता, इसलिए ये 80 वर्ष तक जी लेती हैं।
Published on:
19 Aug 2023 11:40 pm
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