मदरसा संचालक कारी इस्हाक समेत अन्य ने बताया कि जब भी डाइट से इस मामले को लेकर संपर्क किया तो अधिकारी कहते हैं कि परीक्षा शुल्क जमा कराओ, तब अंकतालिकाएं मिलेंगी। जबकि पंजीकृत मदरसों को शुल्क से मुक्त रखने के स्पष्ट आदेश जारी हो चुके हैं।
अब्दुल बारी/जयपुर। सरकारी स्कूलों की तर्ज पर पंजीकृत मदरसों को भी साल 2021-22 में 5वीं बोर्ड परीक्षा शुल्क से मुक्त कर दिया गया। इन आदेशों के बावजूद डाइट गोनेर ने पिछले एक साल से मदरसों के सैकड़ों बच्चों की अंकतालिकाएं रोक रखी हैं। जिसके चलते बच्चे, अभिभावक और मदरसा संचालक एक साल से भटक रहे हैं।
मदरसा संचालक कारी इस्हाक समेत अन्य ने बताया कि जब भी डाइट से इस मामले को लेकर संपर्क किया तो अधिकारी कहते हैं कि परीक्षा शुल्क जमा कराओ, तब अंकतालिकाएं मिलेंगी। जबकि पंजीकृत मदरसों को शुल्क से मुक्त रखने के स्पष्ट आदेश जारी हो चुके हैं।
मंत्री के आदेश पर मिली थी छूट
दरअसल, जब सरकारी स्कूलों को 5वीं बोर्ड परीक्षा शुल्क से मुक्त किया गया तब मदरसों के जिम्मेदारों ने शिक्षामंत्री बी.डी. कल्ला से मुलाकात कर पंजीकृत मदरसों को इस शुल्क से मुक्त रखने की मांग की। मंत्री के आश्वासन के बाद 5 मई 2022 को मदरसों के लिए इस शुल्क से मुक्ति के आदेश निकले।
मदरसा बोर्ड बेपरवाह, शिक्षा विभाग से नहीं रहता समन्वय
जानकारी के मुताबिक राजस्थान मदरसा बोर्ड का शिक्षा विभाग से ठीक से समन्वय नहीं रहता। ऐसे में सरकारी योजनाओं व घोषणाओं की क्रियान्वति नहीं हो पाती। इस मामले में भी बोर्ड ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर खानापूर्ति कर ली। आदेश के बावजूद
डाइट अंकतालिका देने में क्यों आनाकानी कर रहा है, इसका कारण जानने की मदरसा बोर्ड ने कोशिश ही नहीं की।
जिम्मेदारों का कहना है...
-जिन पंजीकृत मदरसों ने शुल्क जमा नहीं कराया उनकी अंकतालिकाएं रोकी गई हैं। पूर्व में यदि पंजीकृत मदरसों से शुल्क नहीं लेने के आदेश हुए हैं तो उनकी पालना करवाती हूं।
सरिता सेहरा
प्रधानाचार्य, डाइट गोनेर
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बोर्ड अध्यक्ष की जानकारी में नहीं मामला...
-मदरसों के बच्चों की अंकतालिका जारी नहीं करने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। पता करवाता हूं।
एमडी चौपदार
अध्यक्ष, राजस्थान मदरसा बोर्ड