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एक चेला ऐसा…किस्से सुनाता, सम्मान करता…जाते-जाते चपत लगाता

एक कहावत है गुरु गुड़, चेला चीनी…। यह कहावत जयपुर में चरितार्थ हो रही है। इन दिनों जयपुर सहित कई जिलों में रिटायर्ड प्रोफेसर एक फर्जी पूर्व छात्र के निशाने पर हैं। दरअसल, रिटायर्ड प्रोफेसरों को एक फर्जी छात्र की ओर से ठगा जा रहा है। खुद को पूर्व छात्र बताकर प्रोफेसरों के घर जाता […]

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जयपुर

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Amit Pareek

Dec 05, 2024

jaipur

एक कहावत है गुरु गुड़, चेला चीनी...। यह कहावत जयपुर में चरितार्थ हो रही है। इन दिनों जयपुर सहित कई जिलों में रिटायर्ड प्रोफेसर एक फर्जी पूर्व छात्र के निशाने पर हैं। दरअसल, रिटायर्ड प्रोफेसरों को एक फर्जी छात्र की ओर से ठगा जा रहा है। खुद को पूर्व छात्र बताकर प्रोफेसरों के घर जाता है, उनके पुराने किस्से सुनाता है और उनका सम्मान करता है। इतना ही नहीं खुद को वाशिंगटन (अमरीका) विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर बताकर प्रोफेसरों से झूठी कहानी बताकर ठगी करता है। जयपुर सहित जोधपुर, उदयपुर, कोटा सहित कई जिलों में रिटायर्ड प्रोफेसर को शिकार बना चुका है।

खुद का भी करवाया सम्मान

हाल ही पूर्व कुलपति प्रो. प्रवीण चंद्र त्रिवेदी के आवास पर ठग पहुंचा। ठग ने खुद को त्रिवेदी का पुराना विद्यार्थी बताया। खुद का विद्यार्थी समझ प्रो. त्रिवेदी ने भी शॉल ओढ़ा सम्मानित किया। इसी प्रकार ठग ने भी प्रोफेसर का सम्मान किया। ठग ने बताया कि वह वाशिंगटन विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर है और खुद का नाम आलोक कुमार बताया। इतना ही नहीं ठग ने कुछ पुराने किस्से भी सुना दिए।

उज्जैन, नासिक जाना है

ठग ने झूठी कहानी रची कि दिल्ली से जयपुर आते हुए ट्रेन में बैग चोरी हो गया। बताया कि कोविड में पत्नी और मां का देहांत हो गया, और उनकी अंतिम क्रिया के लिए उज्जैन, नासिक जाना है। ठग ने बैग चोरी होने के कारण प्रो. त्रिवेदी से मदद मांगी। त्रिवेदी ने खुद का विद्यार्थी समझ 10 हजार रुपए दे दिए। जब प्रो. त्रिवेदी ने सोशल मीडिया पर उस ठग के साथ पोस्ट डाली तो कई रिटायर्ड शिक्षकों ने उसकी पोल खोल दी। बताया कि यह कई शिक्षकों को ठग चुका है। अब त्रिवेदी की ओर से मामला दर्ज करवाया जा रहा है।