20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब हर घर के टीवी में आता हूं नजर: एक्टर इश्तियाक खान

झालाना स्थित राजस्थान पत्रिका कार्यालय में एक्टर इश्तियाक खान ने की विजिट

2 min read
Google source verification
Jaipur News

जयपुर . हम मध्यप्रदेश के उस शहर में रहते थे, जहां लोगों के पास संचार सुविधाएं नहीं थीं। जब पहली बार टीवी आया था, तो उसे देखने आधा गांव पहुंच गया था। संगीत परिवार में जन्मे थे, तो इसकी तालीम मिली। उस समय इप्टा में युवा अच्छा थिएटर कर रहे थे, वहां नाटक में किसी को ढोल बजाने वाले की जरूरत पड़ी और हमें बुला लिया गया। थिएटर में एक्टर्स के डायलॉग और एक्प्रेशंस पर खास नजर हुआ करती थी। एक बार नाटक वाले दिन एक एक्टर नहीं आया और वो किरदार मुझे करने को मिल गया। यह कहना है, एक्टर इश्तियाक खान का। जयपुर में आइपीएल मैच देखने आए इश्तियाक ने मंगलवार को राजस्थान पत्रिका कार्यालय में विजिट की।

थिएटर मेरे लिए प्राथमिकता

उन्होंने कहा कि थिएटर से कनेक्शन जुडऩे के बाद इससे कभी दूर नहीं हुआ। मुम्बई में थिएटर गु्रप 'मुखातिब' भी बनाया और इसमें उन एक्टर्स को शामिल किया जो थिएटर को अपना वक्त दे सकें। हमने निर्णय लिया कि रिहर्सल रात 8 बजे से होगी और इसमें एक्टर्स अपने प्रोजेक्ट को कंपलीट करके पहुंच जाते थे। इस गु्रप के जरिए नए प्रोडक्शन तैयार करने लगे और देशभर के नामचीन फेस्टिवल में उनका प्रदर्शन करने लगे। जयपुर के 'जयरंगम' थिएटर फेस्ट में भी लगातार नाटक को प्रदर्शित करते आ रहे हैं।

राजपाल यादव की तरह कॉमेडी रोल मिलने लगे

इश्तियाक ने कहा कि जब मुम्बई आया था, तब राजपाल यादव अपनी चरम सीमा पर थे। मेरी कद-काठी को देखकर लोगों ने मुझे भी वैसे ही रोल ऑफर करना शुरू कर दिया। कुछ प्रोजेक्ट में तो राजपाल की स्टाइल वाली एक्टिंग की डिमांड करने लगे। मुझे कॉमेडियन नहीं, एक्टर कहलवाना था, इसलिए कुछ प्रोजेक्ट छोड़ भी दिए। पहली फिल्म रामगोपाल वर्मा की 'अज्ञात' मिली। यहां एक्टिंग के जरिए लोगों को अट्रेक्ट करने का मौका मिला। हालांकि इंडस्ट्री में आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा, लेकिन पॉजिटिव एनर्जी से अच्छे काम मिलते चले गए।

शाहरुख के साथ 'जीरो'

इश्तियाक ने बताया कि अभी शाहरुख खान के साथ 'जीरो' फिल्म कंपलीट की है और इसमें राजस्थान के म्यूजिशियन का किरदार निभा रहे हैं, जो म्यूजिक गु्रप चलाता है और लोगों को काम दिलाने का काम करता है। हम म्यूजिक फैमिली से जुड़े हुए हैं, इसलिए इसे करने में बड़ा मजा आया। टीवी पर 'हर शाख पर उल्लू बैठा है कर रहा हूं, जो सामाजिक मुद्दों पर कटाक्ष करता है।