
Adhik Maas 2023: नवसंवत्सर 2080 में सावन में अधिक मास आने के कारण इस बार हिंदू कैलेंडर 12 के बजाय 13 महीनों का है। वहीं, ज्योतिषविदों के मुताबिक हिंदू कैलेंडर में अधिक मास ऐसा महीना है जिसमें सूर्य का राशि परिवर्तन (सूर्य संक्रांति) नहीं होगा। साथ ही विवाह, मुंडन, नामकरण व जनेऊ संस्कार जैसे मांगलिक कार्य भी नहीं होंगे।
ज्योतिषाचार्य पं.दामोदर प्रसाद शर्मा के मुताबिक इस माह में सूर्य संक्रांति नहीं होने के कारण इसे मलमास भी कहा जाता है। पुरुषोत्तम भगवान विष्णु का ही नाम है। अत: अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इसका समापन 16 अगस्त को होगा।
शर्मा ने बताया कि सौर मास 365 दिन और चंद्र मास 355 दिन का होता है। इनमें प्रत्येक वर्ष में दस दिन का अंतर होता है। इस समयावधि को बराबर करने के लिए हर तीन साल में एक बार अधिक मास आता है। शास्त्रों में भी इसका उल्लेख है।
मंदिरों में सजेंगी झांकियां
पुरुषोत्तम मास की एकादशी 11—12 अगस्त को रहेगी। पहले दिन स्मार्त और अगले दिन वैष्णव संप्रदाय के लोग एकादशी मनाएंगे। जयपुर में 12 अगस्त को भक्त व्रत रखकर दान पुण्य करेंगे। साथ ही मंदिरों में विशेष झांकियां सजेंगी। देवस्थान विभाग की ओर से 12 अगस्त को विष्णु सहस्त्रनाम के जाप सहित अन्य अनुष्ठान होंगे।
Published on:
02 Aug 2023 03:38 pm
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