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मां-बाप की मौत के बाद चाचा बना क्रूर, मासूम को जलते चूल्हे में फेंका

मां-बाप की मौत के बाद मासूम को अपनों ने प्रताडऩा का ऐसा दर्द दिया कि उन्हें याद कर वह सिहर उठता है। काका ने उसे जलते चूल्हे पर फेंक दिया, जिससे उसके शरीर के कई हिस्से झुलस गए। इसके बाद उसका इलाज भी नहीं करवाया।

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मां-बाप की मौत के बाद चाचा बना क्रूर, मासूम को जलते चूल्हे में फेंका

मां-बाप की मौत के बाद चाचा बना क्रूर, मासूम को जलते चूल्हे में फेंका

जयपुर। मां-बाप की मौत के बाद मासूम को अपनों ने प्रताडऩा का ऐसा दर्द दिया कि उन्हें याद कर वह सिहर उठता है। काका ने उसे जलते चूल्हे पर फेंक दिया, जिससे उसके शरीर के कई हिस्से झुलस गए। इसके बाद उसका इलाज भी नहीं करवाया। डरे सहमे इस बालक को पड़ोस की महिला ने एक बार उदयपुर जिले के सायरा थाने भिजवाया। पुलिस ने भी उसे एक बार समझाइश कर वापस काका-काकी के पास भेज दिया, लेकिन प्रताडऩा का सिलसिला कम नहीं हुआ। आखिरकार यह बालक घर छोड़ भागा। चाइल्ड लाइन ने उसे रेस्क्यू कर बालगृह भेजा, वहां से हाल में यह समिधा बालगृह पहुंचा।

सीडब्ल्यूसी की काउसलिंग के दौरान बालक ने प्रताडऩा के साथ ही अपनी दो बहनों के गायब होने की बात कही। जिसके बारे में अभी जांच की जा रही है। अपनों की प्रताडऩा झेलने वाला सात वर्षीय यह बालक गोगुंदा विधानसभा के सायरा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जिसके माता-पिता की बीमारी से मौत हो गई। अनाथ हुआ यह बालक काका-काकी के पास रहा।

शराब पीकर आए दिन करता था मारपीट

डरे सहमे बालक ने काउंसलिंग के दौरान बताया कि काका उसके साथ आए दिन शराब पीकर मारपीट करता था। प्रतिदिन पशुओं को चराने भेजता, एक दिन एक पशु के गुम हो जाने पर काका ने उसे खूब मारा और जलते गैस के चूल्हे पर फेंक दिया। इससे उसके गले व चेहरे का कुछ हिस्सा जल गया। उसके बाद पड़ोस की एक महिला ने उसे थाने भिजवाया।

समय पर नहीं मिला उचित उपचार

चोट और क्रूरता के निशान बालक के शरीर पर अभी भी हैं। जलने के बाद इलाज नहीं मिलने के कारण उसके संक्रमण फैल गया। अभी सीडब्ल्यूसी की ओर से बच्चे का एक निजी चिकित्सालय में उपचार करवाया जा रहा है।

बच्चा जिला बाल कल्याण समिति के आदेशों से समिधा निराश्रित बालगृह को प्राप्त हुआ है। वह अत्यंत मासूम और भोला है। अपनी दो बहनों के गायब होने की जानकारी दे रहा है। पुराने बालगृह की काउंसलिंग फाइल से देखने पर पता लगा कि बच्चे को जलाया गया है। सभी तथ्यों से जिला बाल कल्याण समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष के संज्ञान में लाया गया है, निर्देश प्राप्त होते ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
चन्द्रगुप्त सिंह चौहान, संस्थापक, समिधा निराश्रित बालगृह

बच्चे ने जो जानकारी दी है, उसके बारे में अनुसंधान के लिए सायरा थाना पुलिस को लिखा है। अभी बच्चे का एक निजी चिकित्सालय में उपचार चल रहा है।
यशोदा पणिया, कार्यवाहक अध्यक्ष, सीडब्ल्यूसी

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