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चिकित्सा मंत्री से बोले पीड़ित, दो-दो लाख रुपए मांगे नौकरी के, नहीं दिए तो नौकरी से निकाला, अक्सा कंस्ट्रक्शन पर लगे आरोप

जनता क्लिनिक टेंडर में कथित घोटाले और कर्मचारियों से अवैध वसूली के आरोप अब चिकित्सा मंत्री तक पहुंच गए है।

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जयपुर। जनता क्लिनिक टेंडर में कथित घोटाले और कर्मचारियों से अवैध वसूली के आरोप अब चिकित्सा मंत्री तक पहुंच गए है। अक्सा कंस्ट्रक्शन की ओर से नौकरी से हटाए जाने से नाराज डॉक्टर और नर्सिंग कर्मचारी सीधे चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पास पहुंचे और अपनी व्यथा सुनाई।

पीड़ित कर्मचारियों ने मंत्री को सौंपे गए पत्र में आरोप लगाया कि उनसे दो-दो लाख रुपए अवैध रूप से मांगे गए थे। पैसा नहीं देने पर उन्हें नौकरी से हटा दिया गया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि यह मांग सेवा प्रदाता संस्था अक्सा कंस्ट्रक्शन की ओर से की गई थी। शिकायत सुनने के बाद चिकित्सा मंत्री ने पत्र को नोट कर सीएमएचओ प्रथम के पास भेज दिया और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे जाकर सीएमएचओ से मिलें।

लेकिन पीड़ित कर्मचारियों के अनुसार जब वे सीएमएचओ डॉ. रवि शेखावत के पास पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि नौकरी लगाने और हटाने की जिम्मेदारी सेवा प्रदाता अक्सा कंस्ट्रक्शन की है। वह मामले की जांच कर रहें है। जानकारी के अनुसार 21 जनता क्लिनिकों में कई पुराने डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मचारियों को अचानक हटा दिया गया। आरोप है कि अरविंद मालवीय नामक किसी कर्मचारी ने नियुक्ति के बदले लाखों रुपए की मांग की थी और पैसा नहीं देने पर कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एनएचएम की अतिरिक्त मिशन निदेशक टी. शुभमंगला ने एक राज्य स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। जो सभी अवैध वसूली, टेंडर प्रक्रिया और कर्मचारी हटाने के निर्णयों की गहन जांच करेगी। साथ ही एनएचएम की ओर से मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिवालय, चिकित्सा विभाग, मिशन निदेशक और आयुष्मान विभाग को भी पत्र भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया गया है।

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