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1 मई से जयपुर से चलने वाली यह ट्रेन हो जाएगी पूर्णतया बंद, ध्यान दे आपने तो नहीं करा रखी है एडवांस बुकिंग

बुक यात्रियों को एसएमएस से किया जाएगा सूचित
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जयपुर

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Pushpendra Singh Shekhawat

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Updated: 22 Mar 2018, 7:07 PM IST

jaipur

विकास जैन / जयपुर। रेलवे की ओर से जयपुर-आगरा फोर्ट-जयपुर शताब्दी एक्सप्रेस का 1 मई से संचालन पूर्णतया बंद किया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी तरूण जैन के अनुसार गाड़ी संख्या 12035, 12036, जयपुर-आगरा फोर्ट-जयपुर शताब्दी एक्सप्रेस का 1 मई से संचालन पूर्णतया बंद किया जा रहा है। यह रेल सेवा बंद होने के कारण दिनांक 1 मई से आरक्षण प्रणाली पर उपलब्ध नहीं रहेगी। 1 मई के पश्चात् इस रेल सेवा में बुक यात्रियों को एसएमएस के माध्यम से सूचित कर दिया जाएगा।

उदयपुर-न्यूजलपाइगुडी-उदयपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस में बढाया 1 द्वितीय शयनयान डिब्बा

रेलवे प्रशासन की ओर से लंबी प्रतीक्षा सूची को देखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए उदयपुर-न्यूजलपाइगुडी-उदयपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस में 1 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बें की अस्थायी बढोतरी की गई है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी तरूण जैन के अनुसार गाडी संख्या 19601/19602, उदयपुर-न्यूजलपाइगुडी-उदयपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस मे? उदयपुर र से 24 मार्च, 31 मार्च एवं 7 अप्रेल को एवं न्यूजलपाईगुडी से 26 मार्च, 2 अप्रेल एवं 9 अप्रेल को 1 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बें की अस्थायी बढोतरी की गई है। इस बढोतरी से इस गाडी के मार्ग के मुख्यत: चित्तोडगढ, अजमेरजयपुर ??, दिल्ली, लखनऊ, गोरखपुर, छपरा, कटिहार एवं अन्य स्टेशनों के यात्रियों को द्वितीय शयनयान की श्रेणी की 72 बर्थ अधिक उपलब्ध हो पाएगी।

उत्तर पश्चिम रेलवे ने किया रिकार्ड माल-लदान

उत्तर पश्चिम रेलवे पर माल-लदान को बढाने के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों और माल व्यापारियों के लिए कार्य किये जा रहे हैं, जिससे उन्हें अपने सामान का परिवहन करने में सुगमता हो। रेलवे की ओर से माल ग्राहकों के लिए किए गए कार्योंं और नई नीतियों के बाद उत्तर पश्चिम रेलवे ने वर्ष 2017-18 में फरवरी माह तक रिकार्ड 19.070 मिलियन टन माल लदान किया, जो कि गत वर्ष की इसी अवधि में 15.850 मिलियन टन की तुलना में 20.32 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्वि दर संपूर्ण भारतीय रेलवे पर द्वितीय स्थान पर है। रेलवे की ओर से नई नीतियों के जारी होने के बाद रेलवे के माल-लदान में तो इजाफा हुआ ही है, साथ ही औद्योगिक इकाईयों और माल ग्राहकों ने भी रेलवे के प्रयासों का लाभ उठाकर अपने व्यापार को स्थापित करने तथा बढाने का कार्य किया है।