25 जुलाई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

किसानों की जरूरतों से जुड़े शोध को मिलेगी प्राथमिकता, कृषि शिक्षा होगी और व्यवहारिक

जयपुर

image

Newsdesk

Jul 25, 2026

Rajasthan

कृषि महाविद्यालय झिलाय पहुंचे कुलगुरु,अनुसंधान प्रक्षेत्र में 5000 पौधों के हरित अभियान का शुभारंभ
निवाई. श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर के कुलगुरु डॉ.पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने कृषि महाविद्यालय झिलाय का दौरा कर शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अनुसंधान प्रक्षेत्र का निरीक्षण करते हुए स्पष्ट कहा कि कृषि अनुसंधान का उद्देश्य सीधे किसानों की समस्याओं के समाधान से जुड़ा होना चाहिए।इसके लिए कृषि वैज्ञानिकों को स्थानीय परिस्थितियों और किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप उपयोगी एवं गुणवत्तापूर्ण शोध को प्राथमिकता देनी होगी।
निरीक्षण के दौरान कुलगुरु ने विभिन्न फसलों पर चल रहे शोध परीक्षणों, बीज उत्पादन कार्यक्रमों तथा आधुनिक कृषि तकनीकों का अवलोकन किया। उन्होंने वैज्ञानिकों से अनुसंधान कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए विद्यार्थियों को नवाचार, आधुनिक तकनीक और व्यावहारिक प्रशिक्षण आधारित कृषि शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बदलते समय में कृषि शिक्षा को प्रयोगधर्मी बनाना आवश्यक है, ताकि विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।दौरे के दौरान महाविद्यालय परिसर में वृहद वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ भी किया गया। कुलगुरु ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि वृक्ष केवल प्रकृति की धरोहर ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला हैं।
महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.आर.एस. मीणा ने बताया कि परिसर एवं अनुसंधान प्रक्षेत्र में 2000 फलदार और 3000 छायादार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के भू-संपत्ति अधिकारी डॉ.एस.पी.सिंह, डॉ. ओ.पी.मीणा, डॉ.आर.एल.मीणा, डॉ.बबीता डीगवाल, डॉ.पी.सी.बैरवा, डॉ.वी.एस.मीणा सहित महाविद्यालय का स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटोकेप्शन
एनई2407सीसी-निवाई. कृषि महाविद्यालय के अनुसंधान प्रक्षेत्र का निरीक्षण करते कुलगुरु।
एनई2407सीडी-निवाई. कृषि महाविद्यालय के अनुसंधान प्रक्षेत्र में पौधरोपण करते कुलगुरु।