
अमरनाथ यात्रा
जयपुर
दो साल बाद एक बार फिर से जम्मू-कश्मीर में स्थिति अमरनाथ धाम के लिए यात्रा होने जा रही है। ऐसे में इस बार बहुत अधिक संख्या में यात्रियों के अमरनाथ धाम पहुंचने की संभावना है। यही वजह है कि इस यात्रा को लेकर आतंकी खतरा और बढ़ गया है। ऐसे आतंकी आहट के बीच गृह मंत्रालय अमरनाथ यात्रा-2022 के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम कर रहा है। 30 जून से शुरू होने जा रही अमरनाथ यात्रा के लिए गृह मंत्रालय ने पांच स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया है। सुरक्षा के लिए ड्रोन की भी मदद ली जाएगी। 43 दिनों के तीर्थ यात्रा के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बेहद सख्त इंतजाम किए जा रहे हैं।
पहली बार हर व्यक्ति की कलाई पर होगा आरएफआईडी
गृह मंत्रालय ने सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए वाहन पर ही नहीं बल्कि हर शख्स की कलाई पर आरएफआइडी (रेडियो फ्रैंक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन डिवाइस) माइक्रो-चिप के साथ कलाई बैंड दिया जाएगा। यह विभिन्न स्थानों पर स्थापित उपग्रह टावरों से जुड़ा रहेगा। इसके कारण कोई भी यात्री सुरक्षा एजेंसियों की निगाह से ओझल नहीं हो पाएगा। भक्तों के साथ-साथ उन्हें ले जाने वाले वाहनों की आवाजाही, सैटेलाइट, जीपीआरएस, माइक्रोचिप्स और आरएफआइडी चिप की मदद से संबंधित कंट्रोल रूम से नजर रखी जाएगी।
300 अतिरिक्त कंपनियां होंगी तैनात
गृह मंत्रालय ने इस तीर्थ यात्रा के लिए मौजूदा सुरक्षा बल के साथ साथ कई परतों में केंद्रीय बलों की 300 से अधिक सुरक्षा कंपनियां तैनात कर रहा है। इसमें सबसे ज्यादा संख्या सीआरपीएफ की होगी। इसमें 150 कंपनियां यात्रा कराने के लिए जम्मू—कश्मीर पहुंच रही हैं। कंपनियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। पांच कंपनियां कश्मीर में हर दिन पहुंच रही हैं। सीआरपीएफ की एक कंपनी में 100 से 135 जवान होते हैं और इसकी कमान एक ही अधिकारी के पास होती है।
बीएसएफ की 80 कंपनी संभालेंगी कश्मीर
अमरनाथ यात्रा में कश्मीर वाले इलाके में सीमा सुरक्षा बल की 80 कंपनियां यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगी। मई के अंत तक यह सभी कंपनियों श्रीनगर पहुंच जाएंगी और फिर इनकी अलग—अलग तैनाती भी होगी। आईटीबीपी,एसएसबी और सीआईएसएफ की तीस से 40 कंपनियां हर एक की तैनात की जाएंगी। इसके अलावा सेना की सहायता अतिरिक्त रूप से सुरक्षा बलों को मिलती रहेगी।
...यूं होगी निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि राजमार्गों,जिलों में संवेदनशील क्षेत्रों, त्वरित प्रतिक्रिया दल (पुलिस और सीआरपीएफ), मोबाइल वाहन जांच चौकियों और तकनीकी निगरानी पर तैनाती रहेगी। इसके अलावा, 200 सीसीटीवी वाहन आधार शिविरों और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पहचाने जाने वाले संवेदनशील स्थानों पर लगाए गए हैं जिनमें "राजमार्गों पर कुछ स्थान" शामिल हैं।
Published on:
21 Apr 2022 01:44 pm
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