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कला, संस्कृति के क्षेत्र में राज्य की विशिष्ट पहचान: डॉ. बीडी कल्ला

कला और संस्कृति मंत्री डॉ. बीडी कल्ला के मुख्य आतिथ्य में रविवार को झालाना स्थित राजस्थान ललित कला अकादमी परिसर में 62वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी का उद्घाटन समारोह आयोजित हुआ।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Feb 13, 2022


डॉ. बीडी कल्ला ने किया 62वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी का उद्घाटन
प्रदेश के 10 कलाकारों को श्रेष्ठ कृतियों के लिए किया पुरस्कृत
जयपुर। कला और संस्कृति मंत्री डॉ. बीडी कल्ला के मुख्य आतिथ्य में रविवार को झालाना स्थित राजस्थान ललित कला अकादमी परिसर में 62वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी का उद्घाटन समारोह आयोजित हुआ। इस अवसर पर कला और संस्कृति मंत्री ने कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 कलाकारों को पुरस्कृत किया गया। कलाकारों को ट्रॉफी, स्मृतिचिह्न के साथ साथ 25 हज़ार की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर बीडी कल्ला ने कहा कि कलाकारों ने शानदार कृतियां उकेरी हैं। कला और संस्कृति विभाग का मुख्य ध्येय प्रदेश के कलाकारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना तथा उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहन देना है। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति के क्षेत्र में राज्य का ही क्षेत्र अपनी एक विशिष्ट पहचान रखता है। विभिन्न क्षेत्रों की स्थापत्य कला, हस्त कला, लोक नृत्य, लोक गीत अपनी विशिष्टताएं लिए हुए है। राज्य की मांड गायकी की प्रशंसा स्वयं सुर साम्राज्ञी स्वर्गीय लता मंगेशकर भी कर चुकी हैं। कोरोना काल में कला से आजीविका उपार्जित करने वाला तबका सर्वाधिक प्रभावित हुआ परंतु फिर भी कलाकारों ने निराश ना होते हुए घरों से ही कला का सृजन किया। भविष्य में सभी कलाकारों को एनएफटी टोकन देने का प्रावधान किया जाएगा ताकि यदि उनकी कलाकृति कहीं बिके तो उसका एक हिस्सा कलाकार तक आवश्यक रूप से पहुंचे। कार्यक्रम में राजस्थान ललित कला अकादमी के प्रशासनक दिनेश यादव, कला और संस्कृति विभाग के संयुक्त शासन सचिव पंकज ओझा, राजस्थान ललित कला अकादमी के सचिव रजनीश सहित विभाग के सभी आला अधिकारी उपस्थित रहे।