2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मुसीबतों का ऐसा पहाड़ गिरा कि भीख मांगने को मजबूर हुआ यह कलाकार

सरकारी तंत्र की लापरवाही से दर—दर भटकने को हैं मजबूर

less than 1 minute read
Google source verification
artist

मुसीबतों का ऐसा पहाड़ गिरा कि भीख मांगने को मजबूर हुआ यह कलाकार

विजय शर्मा/जयपुर. अपनी कला को लोगों के सामने पेश कर मेहनत से घर चलाने वाले एक कलाकार के ऊपर मुसीबत का ऐसा पहाड़ गिरा कि वह भीख मांगने को मजबूर हो रहा है। सरकारी तंत्र की लापरवाही की चपेट में आए शहनाई बजाने वाला कलाकार अपना हाथ तो खो बैठा ही साथ ही हमेशा के लिए कला भी मर गई। बिना हाथ अब शहनाई नहीं बजाने के कारण पीडि़त अब दर-दर की ठोकरें खा रहा है।

जिला प्रशासन से लेकर पुलिस ने पीडि़त की मदद तक नहीं की है। राणा जाति के 60 साल के चिरंजीलाल पांच महीने पहले जगतपुरा पुलिया के नीचे बैठे थे। उनके ऊपर अचानक पुलिया का छोटा का हिस्सा गिर गया। हाथ में पत्थर गिरने के कारण चिरंजीलाल के हाथ की हडï्डी टूट गई। गंभीर हालत में उन्हें एसएमएस के ट्रोमा सेंटर ले जाया गया। जहां हड्डी पूरी तरह से खराब हो जाने के लिए पीडि़त का हाथ काटना पड़ा। 20 साल से लोगों के घरों और कार्यक्रमों में शहनाई बजाकर मनोरंजन करने वाले कलाकार अब एक हाथ ही रह गया।

पत्नी बजाती ढोल, भीख मांगकर चला रही काम
बिना हाथ शहनाई नहीं बजा पाने के कारण अब पीडि़त की पत्नी पाना देवी ढोल बजाकर भीख मांग परिवार को चला रही है। हाथ कट जाने के कारण अब शादियों और कार्यक्रमों से शहनाई बजाने के लिए बुलावा भी आना बंद हो गया। पीडि़त के परिवार में 2 लड़के और तीन लड़कियां हैं, जिनमें से कोई शहनाई बजाना नहीं जानता। हैरिटेज और कला के क्षेत्र में काम करने वाली रघुकुल संस्था की साधना गर्ग की ओर से पीडि़त की मदद करने पर मामला सामने आया। संस्था की ओर से जिला प्रशासन से पीडि़त की मदद करने की गुहार की गई है।

Story Loader