
सूदखोरों के 'आतंक' से आसिफ ने दी जान, एक गिरफ्तार
जयपुर। कर्ज का बोझ और न चुकाने पर मिलती धमकी से परेशान होकर मोहम्मद आसिफ (25) ने बुधवार को जम्मूतवी ट्रेन के आगे छलांग लगाकर जान दी थी। उसने अपने सुसाइड नोट में इसका हवाला देते हुए दो जनों का जिक्र किया था। पुलिस ने एक जने को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी सगे भाई हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर लोगों ने नागौर के कोतवाली थाने के समक्ष प्रदर्शन भी किया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए उन्होंने पोस्टमार्टम के बाद शव नहीं उठाने की चेतावनी दे डाली। पुलिस द्वारा तुरत-फुरत आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद मामला शांत हुआ। मो आसिफ सुगनसिंह सर्किल के पास सब्जी व फलों का ठेला लगाता था।
मानासर फाटक के पास बुधवार की शाम मोहम्मद आसिफ ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दी थी। बाद में उसके शव को जेएलएन अस्पताल में रखवाया। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम होना था। आत्महत्या के कारणों का खुलासा आसिफ के सुसाइड नोट से हुआ। इसमें उसने कर्ज देने वालों की धमकी और यातना से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात कही गई थी।
सुसाइड नोट की व्यथा
सीआई बृजेंद्र सिंह ने बताया कि मो आसिफ ने अपने सुसाइड नोट में पुखराज भादू और ओमप्रकाश भादू के नाम उल्लेख करते हुए बताया कि दस-बारह दिन पहले उन्होंने उससे बारह लाख रुपए के स्टाम्प पेपर पर दस्तखत करा रखे थे। चार महीने में तीन-तीन लाख देने का उल्लेख था। इससे वो परेशान था। उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। आसिफ से पहले दो लाख लेने और पचास हजार रुपए हर महीने ब्याज समेत चुकाने का भी तय हो चुका था। उधार नहीं चुकाने पर मिलती धमकियों से वो परेशान था। पुखराज भादू मोबाइल और ईमित्र का काम करता था। ये दोनों मूलत: सुरपालिया के जठेरा के रहने वाले हैं पर काम-धंधा सुगनसिंह सर्किल पर करते थे। पिछले दस-बारह दिनों से आसिफ तंग आ चुका था और इसके चलते उसने बुधवार को ट्रेन के आगे जान दे दी। मुखबिर और मोबाइल लोकेशन के बाद पुलिस ने पुखराज भादू (32) को पकड़ लिया गया, जबकि ओमप्रकाश अभी हाथ नहीं आया। पुखराज को मृतक आसिफ के पिता मो. इकबाल के दर्ज कराए आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
Published on:
03 Dec 2021 12:45 am

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