ओवैसी की AIMIM की राजस्थान में एंट्री की तैयारी, कांग्रेस से असंतुष्ट मुस्लिम नेता संपर्क में

-राजस्थान की 40 सीटों का खाका हुआ तैयार, -बंगाल चुनाव के बाद राजस्थान में शुरू होगी एमआईएम की हलचल

By: firoz shaifi

Updated: 21 Nov 2020, 11:09 AM IST

फिरोज सैफी/जयपुर।

बिहार चुनाव में पांच सीटों पर जीत से उत्साहित हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने अब अपनी पार्टी का विस्तार दूसरे राज्यों में भी करना शुरू कर दिया है। एमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी का जहां अभी पूरा फोकस बंगाल चुनाव पर है तो वही राजस्थान में कांग्रेस से असंतुष्ट मुस्लिम नेता एमआईएम की राजस्थान में एंट्री कराने को बेताब हैं।


महापौर चुनाव के साथ कई मुद्दों पर अपनी अनदेखी से नाराज प्रदेश के कई मुस्लिम संगठन कांग्रेस को सबक सिखाने के मूड में है। यही वजह है कि राजस्थान के प्रबुद्ध मुस्लिम संगठनों से जुड़े नेता और बड़े उद्योगपति लगातार असदुद्दीन ओवैसी की एमआईएम के नेताओं के संपर्क में है।

शहर के कई मुस्लिम संगठनों के नेताओं की एमआईएम के नेताओं के साथ बैठकें भी हो चुकी है और जल्दी ही राजस्थान में एमआईएम का संगठन खड़ा करने की तैयारियां भी चल रही है। सूत्रों की माने तो इन नेताओं की एमआईएम नेताओं से कई दौर की वार्ता चल रही है। माना जा रहा है कि बंगाल चुनाव के बाद एमआईएम का पूरा फोकस राजस्थान पर ही रहेगा।

सोशल मीडिया पर चल रहा है कैंपेंन
वहीं असदुद्दीन औवेसी की पार्टी के समर्थन में इन दिनों मुस्लिम संगठन और कांग्रेस से असंतुष्ट नेता लगातार सोशल मीडिया पर कैंपेंन भी चलाकर लोगों से जुड़ने की अपील कर रहे हैं। मुस्लिम संगठनों से जुड़े नेताओं की माने तो बंगाल चुनाव के बाद ओवैसी जयपुर में एक बड़ी रैली के जरिए राजस्थान में अपना चुनावी अभियान शुरू करेंगे।

40 सीटों का हुआ खाका तैयार
सूत्रों की माने तो एमआईएम राजस्थान में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी यह तो फिलहाल तय नहीं है लेकिन कांग्रेस से असंतुष्ट मुस्लिम नेताओं ने करीब प्रदेश की 40 सीटों का खाका तैयार किया है जहां पर मुस्लिम आबादी ज्यादा है। वहीं असदुद्दीन ओवैसी की एमआईएम की राजस्थान में एंट्री की चर्चाएं इन दिनों प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में भी है। कांग्रेस हलकों में भी इस बात की चर्चा है कि अगर ओवैसी की पार्टी एमआईएम राजस्थान में विधानसभा चुनाव लड़ती है तो इसका सीधा नुकसान कांग्रेस पार्टी को होगा।


इन जिलों पर फोकस
विश्वस्त सूत्रों की माने तो कांग्रेस से संतुष्ट मुस्लिम नेताओं ने एमआईएम के लिए जिन जिलों का खाका तैयार किया है उनमें जयपुर, टोंक, सवाई माधोपुर, धौलपुर, अलवर, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, अजमेर चूरू, बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर बाड़मेर करौली जैसे प्रमुख जिले हैं जहां पर मुस्लिम आबादी 40 से 50 हजार से ज्यादा है।

वहीं जयपुर शहर की आदर्श नगर, किशनपोल और हवामहल विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर मुस्लिम आबादी 90 से 1 लाख के बीच हैं ऐसे में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एमआईएम की राजस्थान में एंट्री को तैयार होती है तो कांग्रेस के सियासी समीकरण बिगड़ सकते हैं।

ये हैं मुस्लिम बाहुल्य विधानसभा क्षेत्र
प्रदेश में मुस्लिम बाहुल्य विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो आदर्श नगर, किशनपोल, हवामहल, टोंक, सवाई माधोपुर, धौलपुर, पुष्कर, मसूदा, अजमेर शहर, तिजारा, लक्ष्मणगढ़, रामगढ़, कामां, नगर, बीकानेर पूर्व, सरदार शहर, सूरसागर, शिव, पोकरण, मकराना, चूरू, फतेहपुर, धौलपुर, नागौर, मकराना, डीडवाना, मंडावा, नवलगढ़, नागौर, झंझुनूं, सीकर, दातारामगढ़ जैसे विधानसभा क्षेत्र हैं।

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