
ऑस्ट्रेलियाई अंटार्कटिक शोधकर्ता जलवायु परिवर्तन को बेहतर ढंग से समझने के लिए 10 लाख वर्ष पुरानी बर्फ को तलाशने के महत्वाकांक्षी मिशन पर रवाना हो गए हैं। ट्रैक्टर ट्रेनों का यह काफिला हाल ही में केसी रिसर्च सेंटर से महाद्वीप के ठंडे आंतरिक भाग लिटिल डोम सी के लिए रवाना हुआ। इस सफर में वैज्ञानिक लगभग 1200 किमी की यात्रा करेंगे। 10 खोजकर्ताओं की टीम ने वर्तमान में अंटार्कटिक समर (गर्मियों) के दौरान अधिकतम रास्ते को पार करने का लक्ष्य रखा है।
वैज्ञानिक इस सफर में 10 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से यात्रा करेंगे। इस दौरान वे माइनस 50 डिग्री सेल्सियस तापमान, बदलती बर्फ की स्थिति और चुनौतीपूर्ण इलाकों से होते हुए लिटिल डोम सी तक पहुंचेंगे। वैज्ञानिक 10 लाख साल पहले की बर्फ को निकालने के लिए बर्फीली सतह पर 2.8 किमी तक ड्रिल करेंगे। यह बीते 20 साल में ऑस्ट्रेलिया की सबसे महत्वाकांक्षी ध्रुवीय अन्वेषण परियोजना है।
बर्फ की परत में छिपे हैं कई रहस्य
आइस कोर ड्रिल किए गए बर्फ के टुकड़े होते हैं, जिन्हें ‘टाइम कैप्सूल’ माना जाता है। पृथ्वी के सभी महाद्वीपों पर ग्लेशियरों और बर्फ की चादरों से ये प्राप्त किए जाते हैं। हालांकि अधिकांश आइस कोर अंटार्कटिक और ग्रीनलैंड से आते हैं, जहां सबसे लंबे आइस कोर तीन किमी या अधिक लंबे होते हैं। ध्रुवीय बर्फ की चादरों के ठंडे आंतरिक क्षेत्रों में आइस कोर बेहतर रूप से संरक्षित और विस्तृत जलवायु रेकॉर्ड प्रदान करते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि इन स्थानों पर किसी तरह की अशुद्धियां रेकॉर्ड को धुंधला नहीं करती हैं।
Published on:
01 Jan 2023 05:07 pm
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