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हिमालय के दुर्लभ औषधीय पौधों पर होगी रिसर्च

Research Institute: हिमालय के दुर्लभ औषधीय पौधों पर शोध किया जाएगा। इस रिसर्च से पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली कृषि को विशेष लाभ मिल सकेगा।

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Ayurvedic National Research Institute medicinal plants of Himalayas

हिमालय के दुर्लभ औषधीय पौधों पर होगी रिसर्च,हिमालय के दुर्लभ औषधीय पौधों पर होगी रिसर्च

जयपुर/नई दिल्ली
research Institute: हिमालय के दुर्लभ औषधीय पौधों पर शोध किया जाएगा। इस रिसर्च से पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली कृषि को विशेष लाभ मिल सकेगा। हिमालय पर वनों और तराई में मिलने वाली दुर्लभ एवं जीवनरक्षक औषधियों का लाभ जल्द ही शहरी लोग भी ले सकेंगे। ये शोध होगा आयुर्वेदिक नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट में। सरकार ने आयुर्वेदिक उपचार की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए हिमालय की गोद में इस इंस्टीट्यूट के लिए मंजूरी दे दी है। हिमालयी क्षेत्र में आयुर्वेदिक सेंटर बनाने का एक बड़ा मकसद यहां मिलने वाली दुर्लभ जड़ी-बूटियों का शोध व इन औषधीय पौधों से दवा तैयार करना है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार के मुताबिक, भारत सरकार ने लेह में आयुर्वेद का 'नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ सोवा-रिग्पा' स्थापित करने की मंजूरी दी है। लेह में नेशनल इंस्टीटयूट बनाने की मंजूरी दी गई है। वहीं आयुष मंत्रालय हिमालयी क्षेत्रों में आयुर्वेद के 9 रिसर्च केंद्र स्थापित कर चुका है। ये केंद्र जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, त्रिपुरा व नागालैंड में बनाए गए हैं।

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक भारतीय पारंपरिक दवाओं के शोध को बढ़ावा देने के लिए इन हिमालयी क्षेत्रों में आयुर्वेदिक सेंटर स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही ये केंद्र स्थानीय कृषि पर भी शोध करेंगे। हिमालय की गोद में बनाए गए ये केंद्र ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में कृषि उपज को कैसे बढ़ाया जाए। कौन सी फसलें किस विधि से उगाई जाए इस विषय पर भी इंस्टीट्यूट में रिसर्च की जाएगी। इससे हिमालय क्षेत्रों में आयुर्वेदिक केंद्र बनाए जाने से यहां के दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों को समय पर सही उपचार भी प्राप्त हो सकेगा।

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