
जयपुर. कहीं बिजली-पानी की लाइन तो कहीं सीवर लाइन डालने के लिए सड़कें खोदी जा रही हैं… कहीं मरम्मत अधूरी है तो कई जगह सड़क पर गड्ढों की भरमार है। नतीजा यह कि वाहनों के साथ उड़ती धूल हवा में घुल रही है और शहर का एक्यूआइ (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 200 पार तथा पीएम (पार्टिकुलेट मैटर)‑2.5 व पीएम‑10 का स्तर 400 तक पहुंच गया है।
आमजन केसांस लेना मुश्किल हो रहा है और स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ रहा है। गांधी नगर में लाइन डालने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं की गई है। वहीं जामडोली क्षेत्र में सीवर लाइन डालने के दो साल बाद भी सड़क नहीं बनाई गई है। ऐसे ही हालात शहर के अन्य क्षेत्रों में है।
शहर के कई मुख्य मार्गों पर नियमित रूप से रोड स्वीपिंग नहीं हो रही है। मैकेनाइज्ड स्वीपिंग के नाम पर सिर्फ दिखावा हो रहा है।
शहर के जवाहर नगर बायपास हो या अन्य मार्ग, मुख्य मार्गों पर गड्ढे हो रहे हैं। सीतापुरा, विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र, झोटवाड़ा जैसे बाहरी क्षेत्रों में सड़कें खराब हो रही है, जो वायु प्रदूषण को बढ़ा रही है।
क्षेत्र - 14 जनवरी - 15 जनवरी - 16 जनवरी - 17 जनवरी - 18 जनवरी
आदर्श नगर, राजापार्क - 234 - 134 - 86 - 115 - 114
मानसरोवर - 264 - 219 - 236 - 0 - 168
मुरलीपुरा - 167 - 154 - 84 - 165 - 143
एमआइ रोड - 160 - 176 - 226 - 130 - 136
शास्त्री नगर, विद्याधर नगर - 0 - 0 - 0 - 185 - 146
सीतापुरा - 257 - 238 - 237 - 225 - 214
दिन - क्षेत्र - पीएम 2.5 - पीएम 10
14 जनवरी - मानसरोवर - 422 - 438
14 जनवरी - सीतापुरा - 401 - 407
17 जनवरी - मुरलीपुरा - 332 - 368
17 जनवरी - सीतापुरा - 239 - 335
18 जनवरी - मानसरोवर - 315 - 279
18 जनवरी - सीतापुरा - 348 - 436
शहर में टूटी सड़कें व जगह-जगह हो रहे गड्ढे प्रदूषण बढ़ा रहे हैं। पीएम-2.5 व पीएम 10 के बढ़ने में 80 फीसदी योगदान धूल के कणों का होता है।
- एस.एन. टिक्कीवाल, पूर्व मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल
Published on:
19 Jan 2026 12:28 pm
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