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paper cup and glass Ban: कागज के कप और गिलास पर रोक, 300 करोड़ रुपए का कारोबार ठप

कागज के कप, गिलास और दोना-पत्तल पर बैन गोठ और धार्मिक आयोजनों की रंगत को फीका कर सकता है। उद्योग संगठनों ने सरकार से इस रोक को तुरंत हटाने की मांग की है। पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड ने 14 जुलाई को आदेश निकालकर कागज के कपास और अन्य उत्पादों को भी बैन कर दिया था।

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paper cup and glass Ban: कागज के कप और गिलास पर रोक, 30,000 करोड़ रुपए का कारोबार ठप

paper cup and glass Ban: कागज के कप और गिलास पर रोक, 30,000 करोड़ रुपए का कारोबार ठप

कागज के कप, गिलास और दोना-पत्तल पर बैन गोठ और धार्मिक आयोजनों की रंगत को फीका कर सकता है। उद्योग संगठनों ने सरकार से इस रोक को तुरंत हटाने की मांग की है। पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड ने 14 जुलाई को आदेश निकालकर कागज के कपास और अन्य उत्पादों को भी बैन कर दिया था। इस रोक से गोठ व शादी समारोह जैसे आयोजनों का भार बढ़ेगा। वहीं, प्रदेश के काफी लोग बेरोजगार हो जाएंगे और करीब 300 करोड़ रुपए का कारोबार ठप हो जाएगा। फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल का कहना है कि हमने सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन का समर्थन किया था, लेकिन प्रदेश में कागज के कप, गिलास, दोना-पत्तल को भी बैन कर दिया गया, जबकि केंद्र सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक उत्पादों के विकल्प के तौर पर इनको प्रचारित किया है। प्रदेश के उद्यमियों ने कागज से कप, गिलास जैसे उत्पाद बनाने की नई मशीनों में करोड़ों रुपए का निवेश कर रखा है, साथ ही गोठ के सीजन के मद्देनजर कागज वैकल्पिक उत्पाद चार गुना महंगे हो जाएंगे।

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50 फीसदी उपयोग शादी समारोह में
ऑल इंडिया टेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि जिंदल का कहना है कि कप, गिलास, दोना-पत्तल का उपयोग 50 फीसदी से ज्यादा शादी समारोह में होता है। सिंगल यूज प्लास्टिक उत्पाद पहले ही बंद हो गए है, अब कागज के कप, गिलास दोना-पतल पर भी पाबंदी लगा दी गई है। फिलहाल बाजार में इनके वैकल्पिक उत्पाद नहीं है और जो है उनकी कीमत चार गुना ज्यादा है। ऐसे में कागज के कप, गिलास, दोना-पतल पर पाबंदी नहीं लगानी चाहिए। कुछ कारोबारियों के पास कप और दोना-पत्तल का स्टॉक पड़ा है। अब यह सब बेकार हो जाएगा।