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राजस्थान फोरम की डेजर्ट सोल श्रंखला के तहत आज नाट्य जगत की दो हस्तियों ने चर्चा की। इस टॉक शो में जानी मानी पाश्र्व गायिका, फिल्म अभिनेत्री और रंगकर्मी इला अरुण ने प्रदेश के वरिष्ठ नाट्य गुरुभारत रत्न भार्गव से उनके रंगकर्म से जुड़े अनुभवों और संघर्ष पर बड़े ही रोचक ढंग से चर्चा की। भारत भार्गव देश के नाट्य जगत में पिछले छह दशकों से छाए हुए हैं। उन्होंने केन्द्रीय संगीत नाटक अकादमी के उप सचिव पद के जरिए भी बरसों रंगकर्म की दशा और दिशा को नए आयाम दिए हैं और वर्तमान में जयपुर में रहकर दृष्टि बाधित लोगों को रंगकर्म के संस्कार दे रहे हैं।
बातचीत के दौरान भारत रत्न भार्गव ने बताया कि कैसे जयपुर में उन्होंने रंगमंच में अपनी शुरुआत की। उस नाटक में इला अरुण ने भी एक भूमिका निभाई थी, तब वह नवीं की छात्रा थी। अपनी शुरुआती नाटकों की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे हंसी हंसी अलग अलग तरीके की होती है वह लेखक थे लेकिन उनकी हंसी ने ही उनको अपना पहला रोल दिलाया। भारत रत्न अब जयपुर में शास्त्रीय नाटकों नाटकों को फिर से जीवित करने का काम कर रहे हैं। वे दृष्टिबाधित बच्चों के लिए नाट्य कुल संस्था से नाटक का प्रशिक्षण दे रहे है। उनके निर्देशन में दृष्टि बाधित बच्चों के द्वारा किए गए नाटक के कुछ अंश भी इस प्रोग्राम में दिखाए गए।
शन में दृष्टि बाधित बच्चों के द्वारा किए गए नाटक के कुछ अंश भी इस प्रोग्राम में दिखाए गए जिन्हें देखकर बिल्कुल नहीं कहा जा सकता कि यह बच्चे जन्मांध हैं।
Published on:
13 Dec 2021 06:56 pm
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