
india pakistan
जयपुर
प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सरकार हर वर्ग, हर कास्ट को खुश करने के लिए जमकर प्रयास कर रही है। इस बीच खबर भारत और पाकिस्तान के रिश्ते को लेकर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने पाकिस्तान से आए 5100 से ज्यादा हिंदु विस्थापितों को भारतीय नागरिकता दिए जाने को हरी झंडी दे दी है। यह पहला मौका होगा, जब प्रदेश में एक साथ इतनी संख्या में नागरिकता दी जाएगी। इसके लिए प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर मई के तीसरे सप्ताह से विशेष कैंप लगाए जाएंगे। गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ विभागीय अधिकारियों की उच्च स्तरीय मीटिंग के बाद यह जानकारी दी। कटारिया ने कहा कि 5100 से ज्यादा आवेदनों के दस्तावेजों की जांच पूरी हो चुकी है। सारे दस्तावेज आईबी के पास हैं। अगर उनको कोई आपत्ति नहीं रहती है तो सरकार इस प्रकिया को आगे बढ़ा सकती है।
विस्थापितों के आंकड़ों पर विवाद
विस्थापितों के 15 हजार से अधिक प्रकरणों के आंकड़ों पर केंद्र एवं राज्य के बीच बनी असमंजस की स्थिति को दूर करने के लिए विशेष टीम बनाई गई है। गृह मंत्री कटारिया ने माना कि हमारी तरफ से 12 हजार से अधिक आवेदन ऑनलाइन दर्ज किए जा चुके हैं, लेकिन गृह मंत्रालय के आंकड़ों से इसका मिलान नहीं हो रहा है। इसी तरह राज्य ने जो चार हजार से अधिक ऑफलाइन आवेदन गृह मंत्रालय को भेजे थे, उनका रिकॉर्ड भी नहीं मिल रहा है। इन दोनो विषयों पर जांच की जा रही है। अफसर इसे संतुलित करने के लिए माथा खपा रहे हैं। सरकारी रिकॉर्डस की मानें तो जयपुर , जोधपुर , अजमेर समेत राज्य के आठ से भी ज्यादा जिलों में पाक से आए विस्थापित रह रहे हैं। बहुत से विस्थापितों के पास तो पहचान के सरकारी दस्तावेज भी हैं। इनमें राशन कार्ड, लाईसेंस जैसे दस्तावेज शामिल हैं।
Published on:
27 Apr 2018 12:58 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
