जयपुर शहर में 20 से 30 प्रतिशत बिजली उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने बिजली के भारी भरकम बिल से राहत पाने के लिए अपने घर की छत पर 6 से 8 किलोवाट क्षमता के सौर उर्जा संयंत्र लगा रखे हैं। मई-जून में संयंत्र से बिजली का खूब उत्पादन हुआ। घर के सभी बिजली उपकरण उपयोग में लेने पर भी बिल शून्य आया। लेकिन अब बीते दो महीने से सूरज बादलों की ओट में छिपा है और घरों में लगे इन संयंत्र से नाम मात्र की बिजली बन रही है। उपभोक्ताओं को अब बिजली के बिल के तौर पर 2 से 3 हजार रुपए चुकाने पड़ रहे हैं।