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Rajasthan Budget 2026-27 : मिलिए वित्त मंत्री के 5 ‘पिलर्स’ से जिन्होंने बनाया बजट, जानते हैं ये महिला अधिकारी कौन हैं?  

बजट को अंतिम रूप देने के बाद हुए 'फोटो सेशन' में वित्त मंत्री के साथ जो पांच चेहरे नजर आए, वे राजस्थान प्रशासनिक और वित्तीय सेवा के सबसे अनुभवी दिग्गज हैं।

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जयपुर। बुधवार सुबह 11 बजे जब विधानसभा की कार्यवाही शुरू होगी, तो पूरे प्रदेश की निगाहें उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी पर टिकी होंगी। लेकिन इस बजट भाषण के हर शब्द, हर आंकड़े और हर योजना के पीछे वित्त विभाग की एक कोर टीम का हाथ है। बजट को अंतिम रूप देने के बाद हुए 'फोटो सेशन' में वित्त मंत्री के साथ जो पांच चेहरे नजर आए, वे राजस्थान प्रशासनिक और वित्तीय सेवा के सबसे अनुभवी दिग्गज हैं।

वैभव गालरिया: टीम के कप्तान (प्रमुख शासन सचिव, वित्त)

राजस्थान कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वैभव गालरिया इस पूरी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रमुख शासन सचिव (वित्त) के रूप में गालरिया ने विभाग के बीच समन्वय और बजट की व्यापक रूपरेखा तय करने में मुख्य भूमिका निभाई है। उनके पास शासन का लंबा अनुभव है, जो बजट में वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के काम आया है।

टीना सोनी: व्यय का प्रबंधन (शासन सचिव, वित्त-व्यय)

किसी भी बजट की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि पैसा खर्च (Expenditure) कहाँ और कैसे होगा। टीना सोनी ने 'शासन सचिव वित्त (व्यय)' के तौर पर प्रदेश की फिजूलखर्ची पर लगाम लगाने और महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए फंड सुनिश्चित करने का जिम्मा संभाला है। उनका फोकस सोशल वेलफेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच संतुलन बैठाने पर रहा है।

राजन विशाल: आंकड़ों के जादूगर (शासन सचिव, वित्त-बजट)

बजट का मसौदा तैयार करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका राजन विशाल की रही है। 'शासन सचिव वित्त (बजट)' होने के नाते उन्होंने विभिन्न विभागों की मांगों को सुना, उन्हें फिल्टर किया और मुख्यमंत्री के विजन को कागजों पर उतारा। राजस्व और खर्च के बीच की खाई को पाटने का 'गणित' इन्हीं के पास है।

कुमार पाल गौतम: खजाने की सुरक्षा (शासन सचिव, वित्त-राजस्व)

सरकार के पास पैसा आएगा कहाँ से? इसका जवाब आईएएस कुमार पाल गौतम ने तैयार किया है। 'शासन सचिव वित्त (राजस्व)' के रूप में गौतम ने टैक्स कलेक्शन, जीएसटी और अन्य आय के स्रोतों को मजबूत करने की योजना बनाई है। उनका लक्ष्य है कि बिना जनता पर भारी बोझ डाले प्रदेश के खजाने को कैसे भरा जाए।

बृजेश किशोर शर्मा: जमीनी क्रियान्वयन (निदेशक, वित्त-बजट)

इस टीम के पांचवें महत्वपूर्ण स्तंभ हैं बृजेश किशोर शर्मा। 'निदेशक वित्त (बजट)' के रूप में शर्मा ने यह सुनिश्चित किया है कि बजट की तकनीकी बारीकियां सही हों। बजट को विधानसभा में पेश करने की प्रक्रिया से लेकर उसके प्रकाशन तक की जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर रही है।

बुधवार सुबह 11 बजे: क्या होगा खास?

वित्त मंत्री दिया कुमारी बुधवार 11 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे अपना बजट भाषण शुरू करेंगी। सूत्रों के अनुसार, इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार, महिला सुरक्षा, पर्यटन और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर बड़ा फोकस रहने वाला है। साथ ही, कृषि क्षेत्र के लिए कुछ नई घोषणाएं भी की जा सकती हैं।