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राजस्थान का सबसे बड़ा पशु चिकित्सालय जहां होता है फ्री इलाज दूर दूर से से आते हैं पशुपालक

चिकित्सालय में रोजाना पशुओं के करीब पांच से छः छोटे बड़े ऑपरेशन किए जाते हैं। इसके अलावा यहां ब्लड टेस्ट के लिए एक लेब मौजूद है। चिकित्सालय में पशुओं की सोनोग्राफी मशीन भी मौजूद है ।

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जयपुर

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Rajesh

Jun 08, 2018

vetenry hospital

vetenry hospital

जयपुर
राजस्थान में आर्थिक दृष्टि से पशुधन का काफी महत्व है। पशुधन की चिकित्सा के लिए पिछले करीब पचास सालों से परकोटे के पांचबत्ती इलाके में पशु चिकित्सालय चल रहा है। जहां जयपुर के अलावा प्रदेशभर से पशुपालक पशुओं के इलाज के लिए इस चिकित्सालय का रुख करते हैं। काफी बड़े भू भाग में फैले इस चिकित्सालय में प्रातः आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक आउटडोर की व्यवस्था है। इसके बाद रात दस बजे तक यहां पशुओं के लिए इमरजेंसी चिकित्सा की सुविधा रहती है। इसके अलावा ऑपरेशन और भर्ती की भी व्यवस्था है। रोजाना यहां करीब 200 से 250 पशु इलाज के लिए आते हैं। जयपुर के अलावा अलवर, दौसा, चौमू और और आसपास के दूसरे जिलों से काफी संख्या में बीमार पशुओं को यहां लाया जाता है।

ऑपरेशन थिएटर व लेब की भी सुविधा

चिकित्सालय में रोजाना पशुओं के करीब पांच से छः छोटे बड़े ऑपरेशन किए जाते हैं। इसके अलावा यहां ब्लड टेस्ट के लिए एक लेब मौजूद है। चिकित्सालय में पशुओं की सोनोग्राफी मशीन भी मौजूद है । ।


झोलाछाप इस क्षेत्र में भी सक्रिय


चिकित्सालय के डॉक्टरों का कहना है कि पशु चिकित्सा के क्षेत्र में राजधानी सहित प्रदेश में जानवरों का इलाज करने वाले झोलाछाप काफी सक्रिय हैं। जिनसे लोग अक्सर अपने जानवरों का इलाज करवाते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि यह लोग आर्थिक रूप से तो लोगों को लूटते ही हैं साथ ही पशुओं की सेहत के साथ भी खिलवाड़ करते हैं। जब झोलाछाप लोगों के इलाज से बीमारी और बढ़ जाती है तब हमारे पास आते हैं।


समय पर लगवाएं टीके

पशु चिकित्सक अर्जुन शर्मा का कहना है कि पालतू जानवरों को समय पर टीके लगवाना बहुत जरूरी है । इससे जानवर के काटने के बाद खतरा काफी कम हो जाता है। इसके अलावा रूटीन चेकअप भी करवाना चाहिए। जानवरों से सम्बंधित समस्या हो या जानकारी के लिए लोग हमारे पास आ सकते हैं।

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मुख्य रूप से आते हैं ऐसे पशु

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