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जिंदगी और मौत के बीच मासूम, सात महीने की मासूम को ऐसी बीमारी, चाहिए 16 करोड़ का इंजेक्शन

बीकानेर की सात माह की नूर फातिमा दुर्लभ बीमारी 'एसएमएन 1' से ग्रस्त, चाहिए 16 करोड़ का इंजेक्शन, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को लगाई मदद की गुहार

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राजकुमार शर्मा / जयपुर. बीकानेर के चूनगरान मोहल्ला निवासी 7 महीने की बच्ची नूर फातिमा दुर्लभ बीमारी से जूझ रही है। 'एसएमएन 1' नामक रोग के कारण उसका आधा शरीर काम नहीं कर रहा है। वह इससे निजात पा सकती है लेकिन इसके लिए 16 करोड़ के जोलगेन्स्मा इंजेक्शन की जरूरत है।

बताया गया कि इंजेक्शन नहीं लगने की स्थिति में बच्ची की जान को खतरा भी हो सकता है लेकिन उसके मजदूर पिता जीशान अहमद उक्त इंजेक्शन खरीदने में अक्षम हैं। नूर के जन्म के 3 माह बाद परिजन को पता चला कि उसके शरीर में कोई समस्या है। जयपुर किे जेके लोन अस्पताल में जांच कराई तो सामने आया कि वह 'एसएमएन-1' नामक बीमारी से ग्रसित है। इधर, जस्टिस फोर छाबड़ा की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम अंकुर छाबड़ा ने प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बच्ची की मदद करने का आग्रह किया है।

यह आती है दिक्कत
जेकेलोन अस्पताल के रोग निदान विशेषज्ञ डॉ. अशोक गुप्ता का कहना है कि 'एसएमएन-1 ' दुर्लभ बीमारी है। इसमें मांसपेशियां काम करना बंद कर देती हैं। इससे उठने-बैठने, चलने-फिरने में दिक्कत आती है। धीरे-धीरे सांस लेने में परेशानी होने लगती है। इसका इलाज काफी महंगा है और इंजेक्शन विदेश से मंगवाना पड़ता है।

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