4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कर्मचारियों व शिक्षकों के आधार से जुड़ेगी सरकारी महाविद्यालयों की बायोमेट्रिक मशीन,मशीन से ही होगी हाजिरी

दो जुलाई से शुरू हो रहे शैक्षणिक सत्र से लागू होगी नई व्यवस्था

2 min read
Google source verification
Bio-metric machines of Government colleges affiliated to the employees and teachers will be present from the machine.

after biometric verification Benefits of the palanhar scheme


जयपुर
प्रदेश के 219 सरकारी महाविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों और शिक्षकों की हाजिरी अब बायोमैट्रिक मशीन से ही होगी। यह बायोमेट्रिक मशीनें कर्मचारियों के आधार नम्बर से लिंक होगी। जिससे की प्रत्येक कर्मचारी की पहचान उसका आधार कार्ड बनेगा। कॉलेज आयुक्तालय ने सभी महाविद्यालयों में आधार लिंक स्मार्ट बायोमेट्रिक मशीन लगाई है। जिसमें महाविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों की डिटेल को आधार कार्ड के साथ जोड़ा है। यह नई हाजिरी मशीन कर्मचारियों के आधार से लिंक होगी जिसमें कर्मचारी का आधार नम्बर ड़ालते ही महाविद्यालयों कार्यरत कर्मचारियों के आने व जाने का रिकॉर्ड कॉलेज आयुक्तालय के पास होगा। कॉलेज आयुक्तालय ने महाविद्यालयों के प्राचार्यों के निर्देश जारी किए है कि उनके कॉलेज में कार्यरत प्राचार्य सहित सभी सहायक कर्मचारी,अशैक्षणिक कर्मचारी और शिक्षकों की उपस्थिति आधार लिंक स्मार्ट बायोमैट्रिक मशीन से ही होंगी। प्रदेश के सरकारी महाविद्यालयों में यह व्यवस्था दो जुलाई से कॉलेज खुलने के साथ ही शुरू होगी। हालांकि महाविद्यालयों में कक्षाएं सात जुलाई से शुरू होगी लेकिन एडमिशन प्रोसेस व अन्य तैयारियों के लिए कॉलेज में शिक्षक व कर्मचारी दो जुलाई से आना ही शुरू हो जाएंगे।
मशीन से होगी हाजिरी की गणना
महाविद्यालयों के कर्मचारियों की प्रतिमाह हाजिरी की गणना बायोमेट्रिक मशीन से होगी। अब रजिस्टर में हाजिरी करने की परम्परा खत्म होगी। जिससे की महाविद्यालयों में शिक्षकों के लेट आने व जल्दी जाने की शिकायतों पर अंकुश लग सकेगा। इसके साथ ही कॉलेज के बाबूओं का भी कर्मचारियों की सैलरी बनाने और उपस्थिति की गणना करने का कागजी काम बंद होगा। मशीन के आधार कार्ड से लिंक होने पर आयुक्तालय से जुड़े सर्वर से सीधे कर्मचारियों की हाजिरी की गणना कम्पयूटराइज हो सकेगी जिससे समय की बचत के साथ महाविद्यालयों के कर्मचारी और शिक्षकों की देरी से आने व जल्दी जाने की मनमानी पर लगाम लगेगी।

पांच साल बाद होगा ऐसा
वहीं राजस्थान विश्वविद्यालय के संघटक महाविद्यालयों में पहली क्लास दो जुलाई को लगेगी। विश्वविद्यालय के संघटक महाविद्यालय राजस्थान,कॉमर्स,महाराजा व महारानी में शैक्षणिक सत्र 2018-19 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए महाविद्यालयों में कल से शुरू होने वाले नए माह के पहले कार्यदिवस के साथ ही पढ़ाई का सिलसिला शुरू हो जाएगा। राजस्थान विश्वविद्यालय में ऐसा करीब पांच साल बाद होने जा रहा है जब विश्वविद्यालय के बताए तय समयानुसार ही कक्षाओं में जुलाई माह की शुरूआत के साथ ही महाविद्यालयों में कक्षाएं लगना शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही सरकारी महाविद्यालयों में कक्षाएं सात जुलाई से लगेगी।

Story Loader