
जयपुर। विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान इस बार मुद्दों की बजाए राजनीतिक दलों को धार्मिक ध्रुवीकरण और सॉफ्ट हिंदुत्व ज्यादा भा रहा है। प्रचार के दौरान तुष्टिकरण जैसी बातें ज्यादा सुनने और देखने को मिल रही है।प्रदेश में ज्यादातर सीटों पर यही देखने को मिल रहा है।
ऐसा ही नजर इन दिनों राजधानी जयपुर की कई सीटों पर भी नजर आ रहा है, जहां पर पार्टी प्रत्याशियों ने अपने मुद्दे और वादे गिनाने की बजाए अपने-अपने परंपरागत वोट बैंक को रिझाने में जुटे हुए हैं। भाजपा जहां पूरी तरह से ध्रुवीकरण के प्रयास में है तो वहीं कांग्रेस सॉफ्ट हिंदुत्व के सहारे है।
हवामहल में हिंदुत्व विचारधारा का प्रत्याशी
सूत्रों का कहना है कि भाजपा ने परकोटे की तीन सीटों पर वोटों का ध्रुवीकरण कराने के प्रयास के तहत ही हवामहल विधानसभा क्षेत्र में अपने समर्पित नेताओं और कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर हिंदुत्ववादी विचारधारा के बालमुकुंदाचार्य को प्रत्याशी बनाया है।
बताया जाता है कि टिकट मिलने से पहले बालमुकुंदाचार्य कभी भी भाजपा में सक्रिय नहीं रहे। हालांकि ध्रुवीकरण का प्रयास कितना सफल हो पाएगा ये तो चुनाव परिणाम के बात ही पता चलेगा।
ध्रुवीकरण का प्रयास इसलिए भी
इधर भाजपा की धुर्वीकरण कराए जाने की रणनीति के पीछे एक वजह ये भी है कि परकोटे की हवामहल, किशनपोल और आदर्श नगर मुस्लिम बाहुल्य सीटें हैं और तीनों पर ही कांग्रेस का कब्जा है। किशनपोल और आदर्श नगर में मुस्लिम वर्ग से विधायक हैं। ऐसें में भाजपा धुर्वीकऱण के जरिए वोटों का बंटवारा करने का प्रयास कर रही है।
भाजपा के वोटबैंक में सेंधमारी का प्रयास
इधर कांग्रेस भी सॉफ्ट हिंदुत्व के जरिए भाजपा के परंपरागत वोट बैंक में सेंमारी का प्रयास कर रही है। इसका अंदाजा भी इसी बात से लगा सकते हैं कि सात गारंटी योजना यात्रा की लॉन्चिंग के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मोती डूंगरी गणेश मंदिर मंदिर से यात्रा की शुरुआत की थी और अंत में गोविंद देव जी मंदिर में पूजा अर्चना की थी।
वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का भी 19 नवंबर को जयपुर में रोड शो है, जहां वे गोविंद देव जी मंदिर से अपने रोड शो की शुरुआत करेंगे और रास्ते में कई मंदिरों में पूजा अर्चना करते हुए हिंदू वोटों को रिझाते हुए नजर आएंगे।
भाजपा ने मु्स्लिम को नहीं दिया टिकट
सूत्रों का कहना है कि ध्रवीकरण की रणनीति के तहत भाजपा ने 200 सीटों में से एक सीट पर मु्स्लिम नेता को टिकट नहीं दिया, जबकि डीडवाना, कामां, हवामहल, आदर्श नगर और किशनपोल में भाजपा से जुड़े मु्स्लिम नेताओं ने टिकट के लिए दावेदारी की थी।
डीडवाना से विधायक और वसुंधरा सरकार में मंत्री रहे यूनुस खान को भी टिकट नहीं दिया गया था, जिसके बाद वो निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में हैं।
हालांकि इससे पहले के चुनावों में भाजपा मु्स्लिम नेताओं को भी टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारती रही है। रमजान खां, यूनुस खान, हबीबुर्रहमान और सगीर अहमद भाजपा के टिकट पर विधायक चने गए थे।
वीडियो देखेंः- Rajasthan Election 2023: भाजपा सांसद Ramesh Bidhuri का बेतुका बयान | Rajasthan Patrika
Updated on:
16 Nov 2023 12:39 pm
Published on:
16 Nov 2023 12:39 pm
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