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महाधमनी फटने से फेफड़े में जमा हुआ खून, बिना सर्जरी किया ठीक

अत्याधिक मोटापे, अनियंत्रित डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहीं 65 वर्षीय महिला को अचानक सीने में तेज दर्द के साथ खांसी में खून भी आने लगा था।

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जयपुर। अत्याधिक मोटापे, अनियंत्रित डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहीं 65 वर्षीय महिला को अचानक सीने में तेज दर्द के साथ खांसी में खून भी आने लगा था। उन्हें तुरंत अस्पताल लाया गया जहां पता लगा कि यह हार्ट अटैक नहीं, बल्कि एओर्टिक रपचर (महाधमनी के फटने) की समस्या है। ऐसे में डॉक्टरों ने एंडोवैस्कुलर ट्रीटमेंट की मदद से बिना सर्जरी के उनकी फटी हुई महाधमनी को ठीक कर दिया।

डॉ. अमित गुप्ता ने बताया कि हार्ट के बायें चैम्बर से शरीर को जाने वाली महाधमनी को एओर्टा कहते हैं। इस महाधमनी में कोलेस्ट्रॉल जमने पर कई बार अल्सर जैसा घाव बन जाता है। अगर यह अल्सर गहरा बन जाता है तो महाधमनी फट सकती है। यह स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है कि मिनटों में अत्यधिक रक्त स्राव से मरीज़ की मृत्यु हो जाती है।

जब मरीज को अस्पताल लाया गया तो मरीज की महाधमनी पूरी तरह से नहीं फटी थी, क्योंकि धमनी के पूरे फटने को बायें फेंफड़े ने रोक रखा था। बायें फेंफड़े में रक्तस्राव होने से खांसी में खून आ रहा था। सामान्यतः ऐसी समस्या के साथ आने वाले मरीजों को ओपन हार्ट सर्जरी से ठीक करने की कोशिश की जाती थी, जिसमे मृत्यु दर 50 प्रतिशत से भी ज्यादा होती थी।

मरीज को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या भी थी। ऐसे में डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. संजीब रॉय, डॉ. आलोक माथुर, डॉ. हरीश खन्ना एवं डॉ. कुलदीप चितौड़ा की टीम ने बिना ऑपरेशन पैर की जांघ की नस के माध्यम से अत्याधुनिक ग्राफ्ट लगाकर एओर्टा महाधमनी के फटने वाली जगह को ठीक किया और मरीज की जान बचा ली।