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छह लाख पेंशनर्स को बोनस, सरकारी तीर्थ यात्रा योजना में अलग से कोटा दिए जाने देने की मांग

प्रदेश के छह लाख पेंशनर्स को बोनस, सरकारी तीर्थ यात्रा योजना में अलग से कोटा दिए जाने सहित 28 सूत्रीय मांगों को लेकर राजस्थान पेेंशनर्स मंच ने अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त को ज्ञापन दिया।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Jul 08, 2023

छह लाख पेंशनर्स को बोनस, सरकारी तीर्थ यात्रा योजना में अलग से कोटा दिए जाने  देने की मांग

छह लाख पेंशनर्स को बोनस, सरकारी तीर्थ यात्रा योजना में अलग से कोटा दिए जाने देने की मांग

प्रदेश के छह लाख पेंशनर्स को बोनस, सरकारी तीर्थ यात्रा योजना में अलग से कोटा दिए जाने सहित 28 सूत्रीय मांगों को लेकर राजस्थान पेेंशनर्स मंच ने अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त को ज्ञापन दिया। मंच के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सूरज प्रकाश टाक ने बताया कि ज्ञापन में सरकारी बसों में पुरुष पेंशनर्स वरिष्ठ नागरिक को भी महिलाओं की तरह 50 फीसदी की रियायत देने की मांग की गई। साथ ही पेंशनर्स का बोनस स्वीकृत किए जाने, वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराए में छूट बहाल किए जाने, उन्हें मकान/भूखंड आवंटन किए जाने की मांग भी ज्ञापन में की गई। टाक का कहना था कि पेंशनर्स को भी सरकारी डाक बंगले/ सर्किट हाउस और आरटीडीसी होटल में 50 फीसदी की रियायत दी जानी चाहिए। पेंशनर्स के लिए हर जिले में कॉलोनी निर्माण स्वीकृत कर उनके लिए मकान/ भूखंड आवंटन किए जाने की मांग भी पेंशनर्स सरकार से कर रहे हैं।

प्रदेश के छह लाख पेंशनर्स में बड़ी संख्या में पेंशनर्स ऐसे हैं जिन्हें आरजीएचएस कार्ड नहीं मिल सके हैं उनके कार्ड तुरंत बनवाए जाने चाहिए। साथ ही पूर्व में उनके लिए जो दर्वाइयां स्वीकृत थीं उनमें की गई कटौती को समाप्त किया जाना चाहिए। साथ ही पेंशनर्स को आउटडोर/ इनडोर इलाज की सीमा राशि 50 हजार रुपए करने के साथ ही राशि ऑटो प्रोसेस से बढ़ाने जाने के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट किया जाने की मांग भी मंच ने की है।

ये हैं पेंशनर्स की अन्य मांगें-

- हर साल पेंशनर्स दिवस पर 80 वर्षीय पेंशनर को सरकारी स्तर पर किया जाए सम्मानित।

- आरजीएचएस योजना के तहत जारी डायरी सभी पेंशनर्स में वितरित की जाएं।

- पंजीकृत अस्पतालों में सरकार की ओर से निर्धारित शुल्क, जांच, दवाओं का लाभ अधिकांश अस्पताल नहीं दे रहे। ऐसे अस्पतालों का पंजीयन रद्द हो।

- जिन जिलों में अभी तक ट्रेजरी/ उपभोक्ता भंडार स्तर पर पेंडिंग मेडिकल बिलों का भुगतान करवाया जाए।

- आरजीएचएस योजना पर निगरानी के लिए निगरानी समितियां गठित की जाएं।

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